पक्षियों-चूजों को सही समय पर दाना नहीं मिल रहा हर साल साइबेरिया से हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर जब पक्षियों के झुंड भारत की […]
Read moreTag: #जलवायुपरिवर्तन
78 वर्षों की वर्षा-विफलता
भारत के शहरी जलभराव का वैज्ञानिक, भौगोलिक और नीतिगत विश्लेषण अजय सहाय सितंबर 2025 से अक्टूबर के पहले सप्ताह तक भारत के लगभग सभी प्रमुख […]
Read moreपेरिस जलवायु समझौता हुआ नाकाम
जीवाश्म ईंधन के उत्पादन को कई देश दे रहे हैं बढ़ावा प्रमोद भार्गव संदर्भ- एसईआई और यूएनईपी की रिपोर्ट के अनुसार जीवाश्म ईंधन का बढ़ […]
Read moreविशेषीकृत आपदा विज्ञान विभाग
ग्लोबल वार्मिंग और बदलते जलवायु परिदृश्य में राज्यों की नई आवश्यकता अजय सहाय पिछले कुछ दशकों में बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग और बदलते जलवायु पैटर्न ने […]
Read moreनए भारत के लिए नई हिमालयी राजनीति
विज्ञान, भूगर्भ और वैश्विक अनुभवों का समन्वय अजय सहाय हिमाचल प्रदेश और पूरे भारतीय हिमालयी क्षेत्र की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यहाँ के […]
Read moreहिमालयी ऑल-वेदर रोड
विकास और आपदा के बीच 5–7 मीटर का संतुलन अजय सहाय हिमालय में 5 से 7 मीटर चौड़ी ऑल-वेदर सड़क निर्माण का प्रश्न केवल विकास […]
Read moreहिमालय पार करता मानसून
भारतीय आपदाएँ, वैश्विक जलवायु और जल आत्मनिर्भरता की दिशा अजय सहाय हिमालय और मानसून का संबंध केवल भारतीय उपमहाद्वीप तक सीमित नहीं है बल्कि यह […]
Read moreहिमालय में क्लाउडबर्स्ट की बदलती प्रकृति
रात से दिन तक बढ़ती घटनाएँ और जलवायु परिवर्तन का वैज्ञानिक सच अजय सहाय हिमालयी क्षेत्रों में क्लाउडबर्स्ट (मेघफटन) को प्राचीन काल से एक सामान्य […]
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