Tag: धरती

चुभती धूप –जलता जीवन

चुभती धूप – जलता जीवन

जलवायु परिवर्तन – प्रकृति की बदलती करवट सुनीता बंसल एक समय था जब गर्मी की धूप बच्चों के लिए खेल का निमंत्रण होती थी, और […]

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धरती के पेट की सूखती परतें: जलविज्ञान, विज्ञान और सामाजिक चेतावनी

धरती के पेट की सूखती परतें: जलविज्ञान, विज्ञान और सामाजिक चेतावनी

राज्यों में भी जल विभागों का समन्वय न होना अजय सहाय भारत को हर वर्ष औसतन 4000 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) वर्षा जल प्राप्त होता […]

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धरती माता को बुखार, है कोई सुनने वाला!

धरती माता को बुखार, है कोई सुनने वाला!

धरती माता को बुखार, है कोई सुनने वाला! जयराम शुक्ल इस साल धरतीमाता को पूरे साल सर्द-गरम रहा। जब हम धूप की उम्मीद करते तो […]

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सिर्फ नारों से नहीं बचेगी धरती

सिर्फ नारों से नहीं बचेगी धरती

सिर्फ नारों से नहीं बचेगी धरती रोहित कौशिक यह दुर्भाग्यपूर्ण ही है कि आज धरती को बचाने के लिए भाषणबाजी तो बहुत होती है लेकिन […]

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खतरे में धरती….

डॉ. सुधीर सक्सेना पृथ्वी अगर चिट्ठी लिख सकती ते उसने अपने आँसुओं की स्याही से सौरमंडल के सहोदर ग्रहों के नाम एक चिट्ठी जरूर लिखी […]

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फोटो - गूगल

प्रकृति से प्रेम कर ही बचाई जा सकती है धरती

खिलते हुए फूल, सुहानी हवा, पेड़-पौधे, जीव-जन्तु, ऊंचाई से गिरते झरनें, बहता हुआ पानी, नदियां व पहाड़, सूरज, चांद और तारे-ये सब प्रकृति के ही अवयव हैं। प्रकृति के ये अवयव अनेक तौर-तरीकों से हमें प्यार करने के लिए प्रेरित करते हैं।

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