Tag: #नदियाँ

हरित भविष्य की राह: प्रकृति संरक्षण का संकल्प।(28 जुलाई विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर विशेष आलेख)

प्रतिवर्ष 28 जुलाई को जैव विविधता के संरक्षण, विभिन्न प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग सुनिश्चित किए जाने,पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने तथा आने वाली पीढ़ियों […]

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डिजिटल भारत की बुनियाद में सूखते जलस्रोत

अमेरिका के जॉर्जिया राज्य की न्यूटन काउंटी और उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा के पास स्थित तुसियाना नाम का गांव  इन दोनों के बीच भाषा, संस्कृति और […]

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चीन द्वारा तिब्बत में भारत की सीमा के करीब निर्मित सबसे बड़ा बांध – जल विद्युत परियोजना पूरी हो गई है । इससे अरुणाचल प्रदेश सहित उत्तर-पूर्वी राज्यों की जल धाराओं के किनारे भासे शहरों- बस्तियों पर आशंका के बादल मंडरा रहे हैं । यह लेख इसी मसले पर है। 

पूर्वोत्तर पर  तिब्बत में चीनी बांध का पहरा पंकज चतुर्वेदी तिब्बत के पठार से निकलकर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को जीवन देने वाली यारलुंग त्साँगपो […]

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नदी में दूध : आस्था का अतिवाद और पारिस्थितिकी पर प्रहार

नदी में दूध  : आस्था का अतिवाद और पारिस्थितिकी पर प्रहार

नर्मदा नदी के अभिषेक के लिए  टैंकरों से 11 हजार लीटर दूध नर्मदा में अर्पित पंकज चतुर्वेदी नर्मदा, जिसे मध्य भारत की जीवनरेखा कहा जाता […]

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झेलम का मौन: उत्तर भारत की जल सुरक्षा पर मंडराता संकट

झेलम का मौन: उत्तर भारत की जल सुरक्षा पर मंडराता संकट

साल 2026 के मार्च का पहला सप्ताह एक ऐसी खामोशी लेकर आया है जिसने पर्यावरणविदों और नीति-निर्धारकों की नींद उड़ा दी पंकज चतुर्वेदी कश्मीर की […]

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आस्था और वास्तविकता के बीच गंगा ऋषिकेश–हरिद्वार में स्नान योग्य जल पर वैज्ञानिक सवाल

आस्था और वास्तविकता के बीच गंगा

ऋषिकेश–हरिद्वार में स्नान योग्य जल पर वैज्ञानिक सवाल अजय सहाय ऋषिकेश और हरिद्वार, जो कि गंगा नदी के हिमालयी उद्गम क्षेत्र के सबसे पवित्र और […]

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भविष्य के संघर्षों का कारण: पानी की कमी और पलायन

भविष्य के संघर्षों का कारण: पानी की कमी और पलायन

1997 में पानी की उपलब्धता 575 घन किलोमीटर थी, लेकिन अब यह घटकर लगभग 500 घन किलोमीटर रह गई है विकास परसराम मेश्राम नेशनल इंस्टीट्यूट […]

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गंगा से गोदावरी तक: 'डूबते' डेल्टा और संकट में भारत का भविष्य

गंगा से गोदावरी तक: ‘डूबते’ डेल्टा और संकट में भारत का भविष्य

भारत के प्रमुख नदी डेल्टा और उनके किनारे तेजी से डूब रहे हैं पंकज चतुर्वेदी भारत की नदियां वास्तव में करोड़ों लोगों के लिए जीवनदायिनी […]

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