पंकज चतुर्वेदी इस बार जाड़ा पड़ने से बहुत पहले, जब दिल्ली हर बारिश के बाद डूब रही है , सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण […]
Read moreTag: #पर्यावरण
‘भारत में जलवायु परिवर्तन’
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव न केवल वैश्विक स्तर पर देखा जा रहा है, बल्कि यह स्थानीय पर्यावरणीय समस्याओं को भी जन्म दे रहा है। यह […]
Read moreमौसम की भविष्यवाणी और लोक अनुमान
शिवचरण चौहान आज मौसम का पूर्वानुमान लगाने के लिए मौसम विज्ञान केंद्र खुल गए हैं। भारत सहित अनेक देशों ने अंतरिक्ष में उपग्रह भेज रखे […]
Read moreस्वस्थ ओजोन परत ही हमारी स्वस्थता का आधार
रोहित कौशिक 16 सितम्बर, विश्व ओजोन दिवस आज विश्व ओजोन दिवस है। यह दिन हमें पर्यावरण से जुडे विभिन्न मुददों पर बहुत कुछ सोचने के […]
Read moreओज़ोन परत संरक्षण और जलवायु कार्यवाही को बढ़ाना
( विश्व ओज़ोन दिवस 16 सितम्बर पर विशेष ) डॉ. मौहम्मद अवैस ओज़ोन गैस ऑक्सीजन का एक अनुरूप है यह वायुमंडल में बहुत कम […]
Read moreबाढ़, फैलाव और अविरलता से ही निर्मल होगी दिल्ली में यमुना
पंकज चतुर्वेदी सावन बीत गया , भादों भी आधा निकल गया दिल्ली और उसके आसपास यमुना नदी के जल-ग्रहण क्षेत्र कहलाने वाले इलाकों में पर्याप्त […]
Read moreशीघ्र निस्तारित हों पर्यावरणीय अपराध
आंकड़ों के अनुसार 1986 से 2023 के बीच जलवायु परिवर्तन से जुड़े लगभग 2,666 मामले दायर हुए हैं। इनमें से 70 फीसदी मामले 2015 के बाद दर्ज किए गए। पिछले तीन दशकों में अमेरिका में जलवायु परिवर्तन से संबंधित सबसे ज्यादा 1,745 मामले दायर किए गए।
Read moreपुरानी भारतीय पद्धतियों से प्लास्टिक मुक्ति की कल्पना होगी साकार
दुनिया के करीब 60 देशों ने प्लास्टिक की थैलियों और सिर्फ एक बार इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक के उत्पादन पर काबू पाने के लिए कानून बनाये है। ‘‘वनूआतू’’ नाम का छोटा सा देश एक बार इस्तेमाल होने वाले हर तरह के प्लास्टिक पर रोक लगाने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। प्लास्टिक के कचरे की समस्या से निजात पाने के लिए प्लास्टिक की थैलियों के विकल्प के रूप में जूट या कपड़े से बने थैलों का इस्तेमाल ज्यादा से ज्यादा किया जाना चाहिए। साथ ही प्लास्टिक कचरे का समुचित इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
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