Tag: #भारत

धरती के पेट की सूखती परतें: जलविज्ञान, विज्ञान और सामाजिक चेतावनी

धरती के पेट की सूखती परतें: जलविज्ञान, विज्ञान और सामाजिक चेतावनी

राज्यों में भी जल विभागों का समन्वय न होना अजय सहाय भारत को हर वर्ष औसतन 4000 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) वर्षा जल प्राप्त होता […]

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ज़हरीली हवा — कब तक जीवन साँस ले पाएगा?

“ज़हरीली हवा — कब तक जीवन साँस ले पाएगा?”

महानगरों की चमक, औद्योगिक प्रगति और निरंतर बढ़ते वाहन सुनीता बंसल हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ सांस लेना भी अब सुरक्षित […]

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इंद्रावती: लोकगाथा, लोकसाहित्य और बस्तर की जलसंस्कृति का जीवंत संगम

इंद्रावती: लोकगाथा, लोकसाहित्य और बस्तर की जलसंस्कृति का जीवंत संगम

छत्तीसगढ़ की इंद्रावती नदी डॉ. रुपेन्द्र कवि नदियाँ जब केवल जलधारा न रहकर संस्कृति की वाहक, लोक स्मृति की रक्षक और समूह-मानवता की चेतना बन […]

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हिमालय की ऊंचे पहाड़ों से उठते जीवन के स्वर, गिर्दा और पंत की भूमि से हरीश बहुगुणा की अनोखी कहानी-

हिमालय की ऊंचे पहाड़ों से उठते जीवन के स्वर, गिर्दा और पंत की भूमि से हरीश बहुगुणा की अनोखी कहानी-

हरीश बहुगुणा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है अमनदीप नारायण सिंह हर किसी की जिंदगी में एक मोड़ आता है, जब दिल की आवाज […]

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प्लास्टिक प्रदूषण का गहरता संकट दुनिया के सामने एक और व्यापक संकट माईक्रोप्लास्टिक

प्लास्टिक प्रदूषण का गहरता संकट

दुनिया के सामने एक और व्यापक संकट माईक्रोप्लास्टिक अमनदीप  नारायण सिंह आज दुनिया के सामने एक और व्यापक संकट माईक्रोप्लास्टिक के रूप में खड़ी है, […]

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वृक्षारोपण और संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण – अमरेली जिले का "नाना माचियाला" गांव

वृक्षारोपण और संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण

अमरेली जिले का “नाना माचियाला” गांव अभिषेक गोंडलिया हरित और स्वच्छ वातावरण के लिए ग्रामीणों का भगीरथ प्रयास सौराष्ट्र क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए […]

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पानी बचाने की क्रांति भारतीय अनुभव और वैश्विक तकनीकों का मेल

पानी बचाने की क्रांति

भारतीय अनुभव और वैश्विक तकनीकों का मेल अजय सहाय भारत में सरकारी तालाबों की भूमिका वर्ष 2047 तक ‘जल आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य की प्राप्ति […]

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नदियाँ बहती रहीं, सूखे बढ़ते रहे भारत का अधूरा जल प्रबंधन सपना

नदियाँ बहती रहीं, सूखे बढ़ते रहे

भारत का अधूरा जल प्रबंधन सपना अजय सहाय भारत में प्रतिवर्ष औसतन 4000 अरब घन मीटर (BCM) वर्षा जल प्राप्त होने के बावजूद भी स्वतंत्रता […]

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