UNEP – तापलहर के वातावरण में ठंडक हासिल करने के नौ नुस्ख़े

© Adobe Stock/Michele Ursi इटली में तापलहर के दौरान पानी के फव्वारे पर ठंडक पाता एक बच्चा.

24 जून 2026 जलवायु और पर्यावरण

तापलहरें लगातार अधिक तेज़ और ख़तरनाक हो रही हैंजिससे हर वर्ष लाखों लोगों की जान जाती है. संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने भीषण गर्मी में ख़ुद को और अपने घर को सुरक्षित व ठंडा रखने के नौ आसान मंत्र बताए हैं.

एक समय था जब अत्यधिक गर्मी की घटनाएँ कम होती थीं, लेकिन अब तापलहरें लगातार अधिक बार, अधिक तीव्र और अधिक ख़तरनाक होती जा रही हैं. इनके कारण हर वर्ष लगभग पाँच लाख लोगों की मौत होती है.

योरोप में इस सप्ताह तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के क़रीब पहुँच गया और मीडिया ख़बरों के अनुसार, 26 देशों में भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की गई.

अत्यधिक गर्मी विशेष रूप से बुज़ुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं, खुले स्थानों में काम करने वाले लोगों और पहले से बीमार लोगों के लिए गम्भीर स्वास्थ्य जोखिम बन सकती है. इसलिए इससे बचाव के लिए पहले से तैयारी करना बेहद ज़रूरी है.

© FAO/IFAD/WFP/Eduardo Sotera अत्यधिक गर्मी अब किसानों के स्वास्थ्य के लिए सबसे गम्भीर ख़तरों में से एक है, जिससे शरीर में पानी की कमी, गुर्दों को नुक़सान और लम्बे समय की बीमारियाँ बढ़ रही हैं.

संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने भीषण गर्मी में ख़ुद को और अपने घर को ठंडा व सुरक्षित रखने के कुछ आसान उपाय साझा किए हैं.

1. घर को भीषण गर्मी के लिए तैयार रखें

यदि पहले से तैयारी की जाए तो भीषण गर्मी से निपटना आसान हो जाता है. मौसम का पूर्वानुमान और तापलहर की चेतावनियाँ देखते रहें, ताकि ख़तरनाक गर्मी के बारे में पहले से ही जानकारी मिल सके.

यह सुनिश्चित करें कि पंखे, फ़्रिज और ठंडक देने वाले अन्य उपकरण ठीक से काम कर रहे हों. पीने का पानी और ज़रूरी दवाएँ पर्याप्त मात्रा में रखें. साथ ही, घर में बहुत गर्मी हो जाने पर, आसपास किसी ठंडी जगह की पहचान कर लें.

2. धूप और गर्मी को घर में आने से रोकें

दिन में धूप वाली खिड़कियों पर पर्दे डाले दें. खिड़कियों के बाहर छाजन, बाँस की चटाइयाँ या पेड़-पौधे, गर्मी को भीतर आने से रोकने में मदद करते हैं.

रात में बाहर का तापमान कम हो जाए, तो आमने-सामने की खिड़कियाँ खोल दें, ताकि घर में जमा हुई गर्मी, बाहर निकल सके. सुबह होने से पहले खिड़कियाँ फिर बन्द कर दें, ताकि ठंडी हवा अन्दर बनी रहे.

© UNDP India सौर ताप को वापस फेंकने वाली टाइलें, XPS इन्सुलेशन, और डबल-ग्लेज्ड ख़िड़कियों से 40% से अधिक तापमान कम किया जा सकता है, जिससे शीतलन की ज़रूरत कम होती है और कार्यालय के भीतर ठंडक रहती है.

3. एयर कंडीशनर के बिना भी ठंडक बनाए रखें

भीषण गर्मी में एयर कंडीशनर जान बचा सकते हैं, लेकिन कम ऊर्जा-कुशल उपकरणों का अधिक इस्तेमाल, बिजली की माँग और जलवायु परिवर्तन – दोनों को बढ़ाता है. इसलिए जहाँ सम्भव हो, घर को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखने वाले उपाय भी अपनाएँ.

पंखे एयर कंडीशनर की तुलना में बहुत कम बिजली ख़र्च करते हैं और हवा का प्रवाह बढ़ाकर शरीर को ठंडक देते हैं.

पारम्परिक तरीक़े भी उपयोगी हो सकते हैं. दक्षिण एशिया के कई हिस्सों में खिड़कियों पर गीली ख़स की चटाइयाँ लगाई जाती हैं, जिनसे भीतर आने वाली हवा ठंडी हो जाती है.

छाया, आर-पार हवा की आवाजाही, शटर, ठंडी छतें और बेहतर ढंग से बनी इमारतें भी घर को ठंडा रखती हैं और एयर कंडीशनर की ज़रूरत कम करती हैं.

4. पानी पीते रहें और हल्का भोजन करें

दिन भर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें और प्यास लगने का इन्तज़ार नहीं करें. भीषण गर्मी में शरीर में पानी की कमी जल्दी हो सकती है. शराब पीने से बचें.

भारी और गर्म भोजन की जगह सलाद जैसे हल्के और कम मात्रा वाले भोजन लें. घर में खाना पकाने से गर्मी बढ़ती है और भारी भोजन पचाने में शरीर भी अधिक गर्मी पैदा करता है.

© UNICEF/Vineeta Misra भीषण गर्मी में शरीर में पानी की कमी जल्दी हो सकती है. इसलिए दिन भर थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें.

5. गर्मी में ख़ुद को सुरक्षित रखें

हल्के रंग के, ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें. चौड़ी किनारी वाली टोपी (Cap) और धूप का चश्मा भी पहनें.

दिन के सबसे गर्म समय में घर के भीतर या छाया में रहें. व्यायाम और बाहर के काम सुबह या शाम के ठंडे समय में करें.

खुले स्थानों में काम करने वालों के लिए नियमित विश्राम, छाया, पर्याप्त पानी और काम के समय में बदलाव बेहद ज़रूरी हैं.

6. गर्मी से होने वाली बीमारी के संकेत पहचानें

चक्कर आना, सिरदर्द, मतली, माँसपेशियों में ऐंठन और बहुत अधिक पसीना आना, गर्मी से थकावट के संकेत हो सकते हैं. ऐसा होने पर तुरन्त किसी ठंडी जगह पर जाएँ, आराम करें और पानी पिएँ.

भ्रम, बेहोशी, तेज़ साँस, दौरे या शरीर का तापमान बहुत बढ़ जाना, लू लगने के संकेत हो सकते हैं. यह एक आपात स्थिति है, इसलिए तुरन्त चिकित्सा सहायता लें.

©WHO /Sarah Tyler योरोपीय क्षेत्र में जलवायु से जुड़ी मौतों का सबसे बड़ा कारण अत्यधिक गर्मी है.

7. शरीर को जल्दी ठंडक दें

ठंडे पानी से नहाएँ, गर्दन और कलाइयों पर गीला कपड़ा रखें या पैरों को ठंडे पानी में डुबोएँ.

तौलिये में लपेटा ठंडा पैक गर्दन, बगल और जाँघों के जोड़ों पर रखें, जहाँ रक्त वाहिकाएँ त्वचा के क़रीब होती हैं.

ये आसान उपाय शरीर का तापमान जल्दी कम कर सकते हैं और गर्मी से होने वाली बीमारी का जोखिम घटा सकते हैं.

8. घर बहुत गर्म हो जाएतो ठंडी जगह पर जाएँ

भीषण गर्मी में पुस्तकालय, बड़ी इमारतों वाले बाज़ार, सामुदायिक केन्द्र, सिनेमाघर और छायादार पार्क, राहत दे सकते हैं. कई शहरों में विशेष शीतलन केन्द्र भी खोले जाते हैं. नज़दीकी केन्द्र की जानकारी स्थानीय प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग से लें.

बाहर जाने के लिए सुबह जल्दी या शाम का समय अधिक सुरक्षित होता है.

पेड़, पार्क, हरित छतें और अन्य वनस्पतियाँ, आसपास के इलाक़ों को ठंडा रखने में मदद करती हैं. जहाँ सम्भव हो, छायादार रास्ते चुनें, हरित क्षेत्रों में समय बिताएँ और शहरों में अधिक पेड़ लगाने के प्रयासों का समर्थन करें. 

© UNEP India जहाँ सम्भव हो, छायादार रास्ते चुनें, और हरित क्षेत्रों में समय बिताएँ.

9. दूसरों का हालचाल पूछें और पहले से तैयारी करें

बुज़ुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, लम्बे समय से बीमार लोगों, अकेले रहने वालों और खुले स्थानों में काम करने वालों को गर्मी से सबसे अधिक ख़तरा होता है.

तापलहर के दौरान एक फ़ोन कॉल या मुलाक़ात भी किसी की जान बचा सकती है.

गर्मी बढ़ने से पहले की गई छोटी-छोटी तैयारियाँ, स्वास्थ्य की रक्षा कर सकती हैं, जोखिम घटा सकती हैं और भीषण गर्मी में सुरक्षित रहने में मदद कर सकती हैं. यह लेख पहले यहाँ प्रकाशित हुआ.

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