मौत का कारण बनता पानी
रवीन्द्र व्यास
दुनिया की महान सभ्यताओं का विकास नदी और सरोवरों के तट पर हुआ । कहीं गांव और शहर उजड़े भी तो पानी की कमी के कारण । भारत की धार्मिक परंपराओं में प्यासे को पानी पिलाना पुण्य का कार्य माना जाता था। आज वह जल जानलेवा बनता जा रहा है । दुनिया में जर , जोरू , जमीन संघर्ष और हत्या के तीन प्रमुख कारण सदियों तक माने जाते रहे हैं । अब इसमें एक और प्रमुख कारण जल भी जुड़ गया है । ये हम नहीं कहते बल्कि संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक हत्या अध्ययन रिपोर्ट कहती है ।
2023 की इस रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि भारत में 2019 से 2021 के मध्य 0.5 फीसदी हत्या के मामले पानी को लेकर हुए आपसी संघर्ष के कारण सामने आए हैं। ऐसा भी नहीं है कि 2021 के बाद इस तरह की घटनाएं रुक गई हो, आए दिन समाचार पत्रों में पानी पर फसाद को लेकर खबरें छपती रहती हैं। ये स्थिति तब है जब मोदी सरकार जल जीवन जैसा मिशन चलाकर हर घर तक पानी पहुंचाने का जतन कर रही है ।
पानी को लेकर ह्त्या
बुंदेलखंड के सागर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र में एक गांव है पनारी, इस गांव में गुरुवार की रात कल्याण अहिरवार (65) गांव में लगे हैंडपंप से पानी भर रहे थे । तभी गाँव का युवक रवि अहिरवार वहां आया और बुजुर्ग के पीने वाले ड्रम से पानी निकालने लगा, बुजुर्ग ने ड्रम से पानी निकालने से मना किया तो वह भड़क गया, नाराज युवक वापस अपने घर जाता है और मोहन ,रेवाराम ,उमेश ,आकाश और अपनी माँ प्रेम रानी अहिरवार को लेकर आता है।
इन सभी लोगों ने आते ही बुजुर्ग पर लोहे की रॉड ,सब्बल से हमला कर दिया । घायल कल्याण को उसके परिजन एम्बुलेंस से देवरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाते हैं जहाँ डॉक्टर उसे मृत घोषित कर देते हैं । मृतक के भतीजे राजा अहिरवार की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया , सभी 6 आरोपियों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया ।
जून माह के शुरुआत में झाँसी के प्रेम नगर थाना क्षेत्र के गोकुलपुरी में ऑटो चालक राहुल अहिरवार (25) की कुल्हाड़ी से मारकर ह्त्या कर दी गई । राहुल का दोष सिर्फ इतना था कि उसने पडोसी रोहित गोस्वामी को पानी नहीं दिया । जिस पर दोनों में कहा सुनी हुई विवाद इतना बड़ा कि रोहित ने कुल्हाड़ी से हमला कर उसे बुरी तरह से घायल कर दिया । हालत गंभीर होने पर उसे झांसी से ग्वालियर रेफर किया गया रस्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई । पुलिस ने आरोपी रोहित गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया ।
हाल ही में बुंदेलखंड इलाके में ये कुछ घटनाएं देखीं और सुनी गई । पानी को हिंसक संघर्ष की ये कहानी सिर्फ बुंदेलखंड तक सीमित नहीं है बिहार के नवगछिया के जगतपुर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के बहनोई के घर पानी को लेकर विवाद हुआ । विवाद इतना बढ़ा कि मंत्री जी के भांजे जयजीत यादव और विश्वजीत यादव उर्फ विकल यादव ने मार्च माह में पिस्टल से एक-दूसरे को गोली मार दी । घटना में छोटे भाई विकल यादव की मौत हो गई थी, जबकि मंझले भाई जयजीत यादव की हालत गंभीर है। इस घटना में इनकी मां हिना देवी के हाथ में भी गोली लगी थी । ये घटनाएं बताती हैं कि पानी को लेकर पडोसी ही एक दूसरे के दुश्मन नहीं हो रहे बल्कि रिश्तों का भी पानी सूखने लगा है ।
संयुक्त राष्ट्र की वैश्विक हत्या अध्ययन रिपोर्ट
2023 के अनुसार, 2019 और 2021 के बीच भारत में हर पांच में से एक हत्या संपत्ति या जमीन या पानी तक पहुंच को लेकर संघर्ष के कारण हुई । 2019-21 में भारत में दर्ज की गई हत्याओं में से लगभग 0.5प्रतिशत ( 300 ) जल-संबंधी संघर्षों के कारण हुई थीं । भारत में विश्व की 18 से 20 फीसदी आबादी होने के बावजूद जल स्रोत और संसाधन सीमित है । ऐसी दशा में देश में पानी को लेकर विवाद और खूनी संघर्ष होना एक तरह से प्रमुख घटनाओं में एक होता जा रहा है । राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के पिछले आंकड़े बताते हैं कि 2017 में जितने मामले पानी को लेकर सामने आये थे उनकी संख्या 2018 में दुगनी हो गई ।
पानी को लेकर पहल
ऐसा भी नहीं है कि सरकार इन हालातों से अनजान है सरकार ने इस दिशा में कई सकारात्मक कदम उठाये हैं । भूजल बढ़ाने के लिए तालाब योजना, हर घर तक जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन योजना बनाई गई । कई क्षेत्रों में इस योजना के बड़े सकारत्मक परिणाम सामने आये हैं । कई प्रदेश और जिलों में इसे लेकर बेहतर कार्य नहीं हुआ है ।
हाल ही में झांसी बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के समाज कार्य विभाग ने जल जीवन मिशन योजना पर एक रिपोर्ट जारी की । रिपोर्ट में स्वास्थ्य , शिक्षा ,आर्थिक व सामाजिक परिवर्तन, सामाजिक सामंजस्य व दृष्टिकोण, रोजगार समेत पांच पहलुओं को लेकर विस्तार से जारी की गई । यूपी के राज्य जल व स्वच्छता मिशन कार्यालय के आग्रह पर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने यूपी बुंदेलखंड के सातों जिलों के 10-10 गांवों में जाकर सर्वे कर रिपोर्ट को तैयार किया गया । रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि जल जीवन मिशन योजना लागू होने के बाद से लोगों की जीवन शैली में एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला है ।
स्वछ जल मिलने से जल जनित बीमारियों से छुटकारा मिला है , जिसका असर परिवार के अर्थ तंत्र पर पड़ा है ,रहन सहन के स्तर में बदलाव आया है । शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों में बालिकाओं का नामांकन बड़ा है ,वहीँ ड्राप आउट कम हुआ है । जातिगत भेद भाव कम हुआ , पलायन के स्तर में कमी आई है
एमपी के बुंदेलखंड में भी जिन गाँवों तक जल जीवन मिशन का जल पहुंच रहा है उसके सकारात्मक परिणाम सामने आये हैं, पर एम् पी वाले बुंदेलखंड के जिलों में जल जीवन मिशन का कार्य उतनी प्राथमिकता से नहीं हो रहा है जितना कि उत्तर प्रदेश वाले बुंदेलखंड इलाके में हो रहा है । सागर संभाग के हर जिले में स्थिति एक जैसी है हर जिला के कलेक्टर आये दिन जल जीवन मिशन के कार्य को मिशन मोड़ में करने की हिदायत देते हैं पर हालात व्यवस्था के आगे मजबूर हैं ।