Tag: #जलबचाओ

पर्वत तो धरती के लिए जल खजाना  हैं

पर्वत तो धरती के लिए जल खजाना  हैं

धीरेन्द्र कुमार त्रिपाठी पहाड़ प्रकृति की प्राचीनतम संरचनाओं में से एक हैं, वे दृढ़ और राजसी हैं, वे आकाश के सामने खड़े हैं, इतने बड़े […]

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इस बार देश के बड़े हिस्से में बरसात अनियमित हुई है । अल नीनो असर के चलते कम बरसात हुई और कुछ देर में ही आती वर्ष हुई । इसके चलते देश के पानी का रिजर्व स्टॉक बहुत कम रह गया है। मप्र और महाराष्ट्र सरकार ने अभी से कुछ पबनियाँ लगा दी हैं ताकि आने वाले दिनों के लिए कुछ पानी बचाया जा सके। यह लेख आने वाले जल संकट पर हैं ।

सावधान! जल संकट सिर पर खड़ा है

पंकज चतुर्वेदी जलवायु परिवर्तन और प्रशांत महासागर में अल नीनो की सक्रियता के कारण इस बार मानसून के दौरान बारिश का वितरण अत्यंत असमान रहा […]

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समाज को उजाड़ कर बस ना पाएगी लोकतक झील

समाज को उजाड़ कर बस ना पाएगी लोकतक झील

पंकज चतुर्वेदी देश को मणिपुर की चिंता तब ही होती है जब वहाँ से कोई हिंसा की बात हो लेकिन इस राज्य का अस्तित्व और […]

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झारखण्ड - जिस राज्य की पहचान ही सुरम्य वन और सघन जल संसाधन हुआ करती थी,

झारखण्ड

पंकज चतुर्वेदी जिस राज्य की पहचान ही  सुरम्य वन और सघन जल संसाधन हुआ करती थी, आज गर्मी की शुरुआत में ही बूंद बूंद पानी को […]

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अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनने से बस्तर को भले ही कुछ खास भला ना हुआ हो, लेकिन वहां शहरीकरण की गति तो बढ़ी।

तालाब खतम करने से प्यासा है बस्तर

पंकज चतुर्वेदी अलग छत्तीसगढ़ राज्य बनने से बस्तर को भले ही कुछ खास भला ना हुआ हो, लेकिन वहां शहरीकरण की गति तो बढ़ी। पूरे […]

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नदियों के संरक्षण और सांस्कृतिक महत्व पर ‘एक शाम नदी के नाम’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन

सभ्यता और संस्कृति का जीवंत इतिहास रही नदियों के संरक्षण और उनकी महत्ता को रेखांकित करने के लिए दुर्गावती रामनाथ शिक्षा चिकित्सा न्यास द्वारा ‘एक […]

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मानसून है तो बाढ़ भी जरुरी है !

पंकज चतुर्वेदी प्यास और पानी के लिए  पलायन के कारण कुख्यात बुंदेलखंड में महाराज छत्रसाल द्वारा स्थापित छतरपुर शहर के सबसे बड़े तालाब किशोर सागर […]

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घटिया कोयला: कम बिजली, अधिक राख

घटिया कोयला: कम बिजली, अधिक राख

पंकज चतुर्वेदी देश के ताप बिजली घरों में एक पुरानी लेकिन लगातार गहराती समस्या फिर सुर्खियों में है — बॉयलर में जितना कोयला झोंका जाता […]

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