वैज्ञानिक आधार, डेटा रिकॉर्ड और 2047 के जल आत्मनिर्भर भारत का विज़न अजय सहाय भारत की नदियाँ केवल बहता हुआ जल नहीं बल्कि देश की […]
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क्या एआइ सोख रही है नीले ग्रह का पानी ?
कहा गया है कि विज्ञान वरदान है तो अभिशाप भी है सुनील कुमार महला आज एआइ(आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का जमाना है। दुनिया में आज एआइ के […]
Read moreउथली नदियों में कैसे समाता सावन-भादौ !
बिहार के वे जिले जो बाढ़ के लिए कुख्यात हैं पंकज चतुर्वेदी इस साल तो आषाढ़ से बादल बरसने शुरू हुए तो आश्विन माह में […]
Read moreबचपन से जल प्रहरी, पंचायत से जल लोकतंत्र
वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक, न्यायिक और वैश्विक दृष्टिकोण से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 अजय सहाय भारत में जल संकट एक बहुआयामी चुनौती बन चुका है जिसे केवल […]
Read moreनमामि गंगे से आगे
गंगा को जीवित माँ का संवैधानिक दर्ज़ा क्यों आवश्यक अजय सहाय गंगा नदी को भारत की आत्मा और संस्कृति की धुरी कहा जाता है, जिसे […]
Read moreगंगा में उफान 2025:
जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियर पिघलन और मानवीय अतिक्रमण का वैज्ञानिक विश्लेषण अजय सहाय वर्ष 2025 के मानसून काल में गंगा नदी में उत्पन्न हुए उफान और […]
Read moreगंगोत्री ग्लेशियर, जल गुणवत्ता और गंगा नदी का भविष्य
वैज्ञानिक विश्लेषण, BOD–DO संतुलन और जल संकट की चुनौती अजय सहाय गंगोत्री ग्लेशियर, जो उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित है, गंगा नदी का प्रमुख […]
Read moreशहरी बाढ़ बनाम वर्षा जल प्रबंधन
वैश्विक सर्वोत्तम मॉडल के साथ भारत के लिए वैज्ञानिक समाधान अजय सहाय वर्ष 2025 में भारत के विभिन्न महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, […]
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