Tag: #जलबचाओ

उथली नदियों में कैसे समाता सावन-भादौ !

उथली नदियों में कैसे समाता सावन-भादौ !

बिहार के वे जिले जो बाढ़ के लिए कुख्यात हैं पंकज चतुर्वेदी इस साल तो आषाढ़ से बादल बरसने शुरू हुए तो आश्विन माह में […]

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बचपन से जल प्रहरी, पंचायत से जल लोकतंत्र वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक, न्यायिक और वैश्विक दृष्टिकोण से जल आत्मनिर्भर भारत 2047

बचपन से जल प्रहरी, पंचायत से जल लोकतंत्र

वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक, न्यायिक और वैश्विक दृष्टिकोण से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 अजय सहाय भारत में जल संकट एक बहुआयामी चुनौती बन चुका है जिसे केवल […]

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नमामि गंगे से आगे गंगा को जीवित माँ का संवैधानिक दर्ज़ा क्यों आवश्यक

नमामि गंगे से आगे

गंगा को जीवित माँ का संवैधानिक दर्ज़ा क्यों आवश्यक अजय सहाय गंगा नदी को भारत की आत्मा और संस्कृति की धुरी कहा जाता है, जिसे […]

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गंगा में उफान 2025:

जलवायु परिवर्तन, ग्लेशियर पिघलन और मानवीय अतिक्रमण का वैज्ञानिक विश्लेषण अजय सहाय वर्ष 2025 के मानसून काल में गंगा नदी में उत्पन्न हुए उफान और […]

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गंगोत्री ग्लेशियर, जल गुणवत्ता और गंगा नदी का भविष्य

गंगोत्री ग्लेशियर, जल गुणवत्ता और गंगा नदी का भविष्य

वैज्ञानिक विश्लेषण, BOD–DO संतुलन और जल संकट की चुनौती अजय सहाय गंगोत्री ग्लेशियर, जो उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित है, गंगा नदी का प्रमुख […]

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शहरी बाढ़ बनाम वर्षा जल प्रबंधन वैश्विक सर्वोत्तम मॉडल के साथ भारत के लिए वैज्ञानिक समाधान

शहरी बाढ़ बनाम वर्षा जल प्रबंधन

वैश्विक सर्वोत्तम मॉडल के साथ भारत के लिए वैज्ञानिक समाधान अजय सहाय वर्ष 2025 में भारत के विभिन्न महानगरों जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, […]

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वर्का वाटर वायुमंडलीय नमी से जल आत्मनिर्भर भारत की ओर एक वैज्ञानिक नवाचार

वर्का वाटर

वायुमंडलीय नमी से जल आत्मनिर्भर भारत की ओर एक वैज्ञानिक नवाचार अजय सहाय “वर्का वाटर: भारत में वायुमंडलीय जल संग्रहण की एक वैज्ञानिक संभावना और […]

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धरती के पेट की सूखती परतें: जलविज्ञान, विज्ञान और सामाजिक चेतावनी

धरती के पेट की सूखती परतें: जलविज्ञान, विज्ञान और सामाजिक चेतावनी

राज्यों में भी जल विभागों का समन्वय न होना अजय सहाय भारत को हर वर्ष औसतन 4000 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) वर्षा जल प्राप्त होता […]

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