पंकज चतुर्वेदी देश की राजधानी की आबादी बढ़ती जा रही है और उसी गति से यहाँ पानी की मांग बढ़ यही है । यमुना से […]
Read moreTag: #जलबचाओ
जल का सही प्रबंधन ही जलस्वराज की ओर बढ़ने का रास्ता है…
विकास परसराम मेश्राम जल जीवन का मूलभूत तत्व है। यह पृथ्वी पर सभी जीवों के लिए अनिवार्य है। हालांकि, बढ़ती जनसंख्या और अनियंत्रित विकास के […]
Read moreजलवायु परिवर्तन और जल संकट पर प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण ही एकमात्र समाधान
विकास परसराम मेश्राम जल संकट केवल हमारे देश की ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया की समस्या है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, आज दुनिया की 26 […]
Read moreपानी की किल्लत से कराह रही दिल्ली
दिल्ली को सालाना ही पीने के पानी की किल्लत से दो – चार होना पड़ता है। पीने के पानी के लिए पानी के टेंकर पर लंबी – लंबी लाइन लगानी पड़ती हैं।
Read moreहमारे अस्तित्व से जुड़ा है जल प्रबंधन
भारत को 6 जलक्षेत्रों (इसे मैं जल राज्य कहूंगा) में विभाजित किया है और सीमाओं का निर्धारण कर डिजिटल मैप विकसित किए हैं। इन 6 जल क्षेत्रों को 37 बेसिन, 117 कैचमेंट एरिया, 588 सबकैचमेंट एरिया, 3854 वाटरशेड, 49618 सब-वाटरशेड और कुल 3 लाख 21 हजार 324 माइक्रोवाटरशेड में बांटकर हर एक का जमीनी चिन्हांकन करके उसका एक यूनिक नेशनल कोड जारी किया है।
Read moreफिर पानी के प्रति इतनी बेपरवाही क्यों ?
पानी पीने के अलावा शौच, स्नान, कपड़े धोना, खाना बनाना, साफ-सफाई करना और अपने वाहनों को धोना आदि कामों में इस्तेमाल किया जाता है। पानी के बगैर जिंदगी की कल्पना नहीं की जा सकती ।
Read moreजीवनदायिनी गंगा को संजीवनी मिलना बहुत जरूरी
सीपीसीबी की रिपोर्ट के अनुसार, 36 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में से 31 में नदियों का प्रवाह प्रदूषित है।
Read moreजल सहेजने की आदत डालनी होगी
भारतीय नदियों के मार्ग से हर साल 1645 घन किलोलीटर पानी बहता है जो सारी दुनिया की कुल नदियों का 4.445 प्रतिषत है। देश के उत्तरी हिस्से में नदियो में पानी का अस्सी फीसदी जून से सितंबर के बीच रहता है, दक्षिणी राज्यों में यह आंकडा 90 प्रतिषत का है।
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