बदले हालात और भारत के साथ रिश्तों में आई खटास का खामियाजा बिहार के मक्का पैदा करने वाले किसानों को उठाना पड रहा है पंकज […]
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आर्द्रभूमियाँ-प्रकृति का कवच और मानव अस्तित्व की कुंजी
2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस (वर्ल्ड वैटलैंड्स डे) सुनील कुमार महला हर वर्ष 2 फरवरी को विश्व आर्द्रभूमि दिवस (वर्ल्ड वैटलैंड्स डे) मनाया जाता […]
Read moreविकास की वेदी पर ‘निकोबार’ के आदिवासी : अस्तित्व का सवाल
‘ग्रेट निकोबार होलिस्टिक डेवलपमेंट प्रोजेक्ट’ को लेकर स्थानीय ‘निकोबारी जनजातीय परिषद’ ने मोर्चा खोला पंकज चतुर्वेदी हिंद महासागर के नीले पानी के बीच स्थित ग्रेट […]
Read moreजल-जंगल-जमीन से जुड़ी शब्दावली में क्या-क्या शामिल है ?
वन और पर्यावरण से जुड़े अधिकारों के विभिन्न पहलुओं से संबंधित महत्वपूर्ण शब्द, जो भारतीय वन अधिकार और अन्य कानूनों को समझने में मददगार हैं। […]
Read moreवन उत्पादों के व्यापार में सुधार के संकेत, लाखों लोगों को मिलता है रोज़गार
वन उत्पाद हमारे दैनिक जीवन का अहम हिस्सा हैं, जिनका प्रयोग निर्माण कार्यों से लेकर रसोई में चूल्हा गरम करने वाली लकड़ी के कोयले के […]
Read moreनकदी फसलों और हाईवे के बीच रंगलोंग समुदाय का संघर्ष
उत्तरी त्रिपुरा में रबर और सुपारी जैसी नकदी फसलों की बढ़ती मांग के कारण रंगलोंग समुदाय की बांस-आधारित आजीविका और जीवनशैली पर संकट गहरा रहा […]
Read moreबैगा समुदाय: जंगल हमारे बिना नहीं, हम जंगल के बिना नहीं
जंगल और उसकी संरचना को और बेहतर बनाने में क्या योगदान चंद्र प्रताप सिंह, प्रेमलाल बैगा छत्तीसगढ़ के जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में विशेष रूप से कमजोर […]
Read moreक्या भारत के कपास किसानों को जैविक खेती का जोखिम उठाना चाहिए?
जैविक कपास की बढ़ती मांग के बावजूद किसानों को इसकी खेती में कई जोखिम उठाने पड़ते हैं। क्या अनुकूल नीतियां और सरकारी सहयोग इस तस्वीर […]
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