Author: indiaclimatechange

बदलते मौसम के मिजाज के कारण अधिक सुलग रहे हैं जंगल

बदलते मौसम के मिजाज के कारण अधिक सुलग रहे हैं जंगल

बदलते मौसम के मिजाज के कारण अधिक सुलग रहे हैं जंगल पंकज चतुर्वेदी नैसर्गिक सौन्दर्य , हरी भरी  पहाड़ियों और उनमें बसने वाले  दुर्लभ जानवरों […]

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वैशाख में करें सावन की तैयारी

वैशाख में करें सावन की तैयारी

वैशाख में करें सावन की तैयारी पंकज चतुर्वेदी प्रकृति कभी इंसान को निराश नहीं करती जबकि इंसान ने हर समय प्रकृति के उपभोग के बनिस्पत […]

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बुध हो कर अंतिम साँसे ले रहा है किशोर सागर

बुध हो कर अंतिम साँसे ले रहा है किशोर सागर

बुध हो कर अंतिम साँसे ले रहा है किशोर सागर पंकज चतुर्वेदी मध्य प्रदेश में इन दिनों राज्य सरकार का “जल गंगा संवर्धन अभियान” चल रहा […]

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धरती माता को बुखार, है कोई सुनने वाला!

धरती माता को बुखार, है कोई सुनने वाला!

धरती माता को बुखार, है कोई सुनने वाला! जयराम शुक्ल इस साल धरतीमाता को पूरे साल सर्द-गरम रहा। जब हम धूप की उम्मीद करते तो […]

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सिर्फ नारों से नहीं बचेगी धरती

सिर्फ नारों से नहीं बचेगी धरती

सिर्फ नारों से नहीं बचेगी धरती रोहित कौशिक यह दुर्भाग्यपूर्ण ही है कि आज धरती को बचाने के लिए भाषणबाजी तो बहुत होती है लेकिन […]

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जलवायु परिवर्तन की मूल अवधारणाओं को सीखेंगे अन्ना विश्वविद्यालय के छात्र

जलवायु परिवर्तन की मूल अवधारणाओं को सीखेंगे अन्ना विश्वविद्यालय के छात्र

जलवायु परिवर्तन की मूल अवधारणाओं को सीखेंगे अन्ना विश्वविद्यालय के छात्र अन्ना विश्वविद्यालय ने स्नातक (यूजी) छात्रों को जलवायु अनुकूल विकास कार्यक्रम के तहत जलवायु […]

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जलवायु परिवर्तन: तापमान में दो डिग्री वृद्धि तो बढ़ेंगे कीट, गेहूं की 46% और धान की 19 फीसदी पैदावार घटेगी

जलवायु परिवर्तन: तापमान में दो डिग्री वृद्धि तो बढ़ेंगे कीट, गेहूं की 46% और धान की 19 फीसदी पैदावार घटेगी

तापमान में दो डिग्री वृद्धि तो बढ़ेंगे कीट, गेहूं की 46% और धान की 19 फीसदी पैदावार घटेगी अगर तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की […]

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कंक्रीट के जंगल को ठंढा रखने के लिए गर्म होता भारत

कंक्रीट के जंगल को ठंढा रखने के लिए गर्म होता भारत

कंक्रीट के जंगल को ठंढा रखने के लिए गर्म होता भारत अरुण चन्द्र राय मार्च का महिना इस साल पिछले दस सालों में सबसे गरम […]

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खूब बरसेगा मानसून, जल-नियोजन जरूरी !

खूब बरसेगा मानसून, जल-नियोजन जरूरी !

खूब बरसेगा मानसून, जल-नियोजन जरूरी ! सुनील कुमार महला हाल ही में आईएमडी (भारतीय मौसम विभाग) ने यह जानकारी दी है कि इस बार देश […]

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जल निधियों  को उजाड़ने से प्यासे हैं शहर

जल निधियों  को उजाड़ने से प्यासे हैं शहर

जब दिल्ली में यमुना लबालब होती है तो यहाँ के नाले- कारखाने उसमें इतना जहर घोलते हैं कि नदी सारे रास्ते हाँफती है और जब पानी का संकट खड़ा होता है तो नदी की याद आती है । यह हाल केवल दिल्ली का नहीं, देश के लगभग सभी बड़े शहरों का है । अपने तालाबों पर मिट्टी डाल कर कंक्रीट से तन  गया बैंगलुरु तो ’केपटाउन’ की तरह जल-शून्य की चेतावनी से बहाल है और अभी पंद्रह दिन में जब मानसून आएगा तो शहर जल भराव के चलते ठिठक जाएगा ।

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मनुष्य के दुश्मन नहीं, हितकारी हैं समस्त पशु-पक्षी !

मनुष्य के दुश्मन नहीं, हितकारी हैं समस्त पशु-पक्षी !

सुनील कुमार महला सोशल नेटवर्किंग साइट्स के फायदे भी बहुत हैं। हाल ही में फेसबुक पर राजस्थान के एक स्थानीय यू-ट्यूब रील्स कलाकार(कामेडियन) की एक […]

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कैसे पुनर्जीवित हो हिंडन

कैसे पुनर्जीवित हो हिंडन

रिवर से सीवर बन गई, पश्चिमी उत्तर प्रदेश की प्रमुख और यमुना की महत्वपूर्ण सहायक नदी हिंडन को फिर से जीवन देने के लिए नागरिक […]

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रिवर फ्रन्ट से यमुना की नहीं व्यापारियों की सेहत सुधरेगी

रिवर फ्रन्ट से यमुना की नहीं व्यापारियों की सेहत सुधरेगी

पंकज चतुर्वेदी रामनवमी की सुबह से ही  दिल्ली में  यमुना पर सफेद झाग छाए थे । थोड़ा करीब से देखा तो पानी निपट काला था […]

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धरती का तापमान बढ़ा रहीं हैं ग्रीन हाउस गैसें !

धरती का तापमान बढ़ा रहीं हैं ग्रीन हाउस गैसें !

सुनील कुमार महला उत्तर भारत में गर्मी अभी से कहर बरसाने लगी है जबकि अभी अप्रैल माह की शुरुआत ही हुई है। पाठकों को बताता […]

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