झारखंड में सामुदायिक वन अधिकार के तहत ग्रामसभाएं जंगल के संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी निभा रही हैं। इससे जंगल बचाने के साथ ग्रामीणों की […]
Read moreAuthor: indiaclimatechange
जल संकट से जल आत्मनिर्भरता तक: विश्व जल दिवस 2026 का विज़न
वैश्विक जल संकट केवल पर्यावरणीय मुद्दा नहीं बल्कि अस्तित्व, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य और सामाजिक स्थिरता से जुड़ा एक जटिल संकट बन चुका है। अजय सहाय विश्व […]
Read moreनीला सोना(जल) : संकट, समाधान और संकल्प
जल पंचमहाभूतों-जल, अग्नि, वायु, पृथ्वी और आकाश में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण तत्व है सुनील कुमार महला प्रतिवर्ष 22 मार्च को ‘विश्व जल दिवस’ मनाया […]
Read moreमार्च में दिसंबर की दस्तक : बिखरता ऋतुचक्र
इस विचित्र कोहरे के पीछे के वैज्ञानिक कारणों को समझना अनिवार्य पंकज चतुर्वेदी भारतीय कैलेंडर में मार्च का महीना उस संधि काल का प्रतीक है […]
Read moreगौरैया:आंगन की चिरैया, प्रकृति की संवेदना
20 मार्च ‘विश्व गौरैया दिवस’ सुनील कुमार महला प्रतिवर्ष 20 मार्च को ‘विश्व गौरैया दिवस’ मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने के पीछे का […]
Read moreआईटी शहरों का विस्तार और भारत का बढ़ता जल संकट
शहरों में झीलों और तालाबों का पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन को अनिवार्य बनाना अजय सहाय 2003 के बाद भारत में आईटी आधारित शहरीकरण की तेज़ […]
Read moreपर्यावरण संरक्षण और सतत विकास में पुनर्चक्रण की भूमिका
18 मार्च वैश्विक पुनर्चक्रण दिवस सुनील कुमार महला प्रतिवर्ष 18 मार्च को विश्वभर में वैश्विक पुनर्चक्रण दिवस (ग्लोबल रीसाइक्लिंग डे) मनाया जाता है। इस दिवस […]
Read moreखेती और पर्यावरण के लिए क्यों जरूरी है दीमक?
“ऊई हुंका” अर्थात दीमक की बाँबियाँ लुप्त होने का अर्थ है कि धरती संकट में हैं । पंकज चतुर्वेदी उड़ीसा का कश्मीर कहलाने वाले कंधमाल […]
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