अवैध शिकार, जहर देकर मारना तथा पटाखों या जहर मिले फलों से भी हाथियों की मृत्यु के मामले सामने आते रहे हैं सुनील कुमार महला […]
Read moreAuthor: indiaclimatechange
कंक्रीट का विकास या नदियों का विनाश: रिवरफ्रंट के पीछे छुपी सच्चाई
नदी केवल पानी की एक धारा नहीं होती बल्कि यह एक जीवित पारिस्थितिकी तंत्र होती है अजय सहाय आज के समय में भारत सहित विश्व […]
Read moreनदी में दूध : आस्था का अतिवाद और पारिस्थितिकी पर प्रहार
नर्मदा नदी के अभिषेक के लिए टैंकरों से 11 हजार लीटर दूध नर्मदा में अर्पित पंकज चतुर्वेदी नर्मदा, जिसे मध्य भारत की जीवनरेखा कहा जाता […]
Read moreनल में जल, बनाम कागजों पर राहत जल सुरक्षा की अधूरी जंग
जल जीवन मिशन और ‘अमृत’ जैसे प्रोजेक्ट्स के पिछले सात वर्षों के सफर को देखें पंकज चतुर्वेदी भारत दुनिया की लगभग 18% आबादी का घर […]
Read moreभारत का हरित पथ
संरक्षण से जलवायु कार्रवाई तक परिचय इक्कीसवीं सदी में विकास और पर्यावरण के बीच संबंध नीति-विमर्श के हाशिए से उठ कर राष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया के […]
Read moreग्रामीण भारत में प्लास्टिक कचरे का हिसाब करना क्यों जरूरी है?
ग्रामीण भारत में हर साल लाखों टन प्लास्टिक कचरा पैदा होता है, जिसका आकलन नहीं होता। ऐसे में ग्रामीण स्तर के आंकड़ों को जोड़कर एक […]
Read moreबेमौसम बारिश का कहर: किसानों की मेहनत पर प्रकृति की मार ।
उत्तर भारत के कई हिस्सों में बेमौसम मौसम का कहर देखने को मिल रहा है। सुनील कुमार महला भारत विश्व का एक प्रमुख कृषि प्रधान […]
Read moreपर्यावरण संरक्षण: एक चुनौती
पर्यावरणविद व रिपोर्टर हिर्देश जोशी ने महत्वपूर्ण जानकारी व सुझाव दिए हिंडन जल बिरादरी के “पर्यावरण संरक्षण: एक चुनौती” विषय पर आयोजित कार्यक्रम इंडिया हैबिटैट […]
Read more