पंकज चतुर्वेदी भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है। दूध ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पोषण, महिला रोजगार और छोटे किसानों की आय का महत्त्वपूर्ण आधार है। […]
Read moreAuthor: indiaclimatechange
भारत में इस साल ठंड कैसी होगी? जलवायु परिवर्तन और संभावित सुपर एल नीनो का असर..
धीरज चतुर्वेदी भारत में सर्दी अब पहले जैसी स्थिर ऋतु नहीं रह गई है। एक ही मौसम में कहीं घना कोहरा, शीतलहर और पाला पड़ […]
Read moreभारत की नदियों पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
पंकज चतुर्वेदी भारत की नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं हैं, बल्कि कृषि, पेयजल, बिजली उत्पादन, जैव-विविधता, परिवहन और करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार हैं। गंगा, […]
Read moreसेहत से यह कैसा समझौता : एनालॉग पनीर पर अब निर्णायक रोक क्यों जरूरी है
पंकज चतुर्वेदी पनीर भारतीय रसोई की उस साख का नाम है, जिस पर करोड़ों घरों का भरोसा टिका है। शाकाहारी परिवारों में जब मांस-मछली से […]
Read moreमीठे पानी के घटते भंडार: ‘नई जल वास्तविकता के लिए तैयार रहें देश’ – WMO
© WMO/Leonor Hernandez अर्जेंटीना के एल कैलाफ़ाते में पेरितो मोरेनो हिमनद. जलवायु और पर्यावरण संयुक्त राष्ट्र की मौसम एजेंसी ने गुरुवार को चेतावनी दी कि दुनिया […]
Read moreओजोन परत पर नया शोध, नई जानकारी लेकिन खतरा टला नहीं..
रोहित कौशिक 16 सितम्बर, विश्व ओजोन दिवस विकास एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। यही कारण है कि विश्व के ज्यादातर देश किसी न […]
Read moreघटिया कोयला: कम बिजली, अधिक राख
पंकज चतुर्वेदी देश के ताप बिजली घरों में एक पुरानी लेकिन लगातार गहराती समस्या फिर सुर्खियों में है — बॉयलर में जितना कोयला झोंका जाता […]
Read moreआठ बहनों पर जलवायु परिवर्तन की तगड़ी मार :कम बरसात और अधिक तबाही –
पंकज चतुर्वेदी इस साल पूर्वोत्तर भारत में बारिश का हिसाब जितना चौंकाता है, तबाही का मंज़र उससे कहीं ज़्यादा डराता है। भारतीय मौसम विभाग के […]
Read more