धरती माता को बुखार, है कोई सुनने वाला! जयराम शुक्ल इस साल धरतीमाता को पूरे साल सर्द-गरम रहा। जब हम धूप की उम्मीद करते तो […]
Read moreAuthor: indiaclimatechange
सिर्फ नारों से नहीं बचेगी धरती
सिर्फ नारों से नहीं बचेगी धरती रोहित कौशिक यह दुर्भाग्यपूर्ण ही है कि आज धरती को बचाने के लिए भाषणबाजी तो बहुत होती है लेकिन […]
Read moreजलवायु परिवर्तन की मूल अवधारणाओं को सीखेंगे अन्ना विश्वविद्यालय के छात्र
जलवायु परिवर्तन की मूल अवधारणाओं को सीखेंगे अन्ना विश्वविद्यालय के छात्र अन्ना विश्वविद्यालय ने स्नातक (यूजी) छात्रों को जलवायु अनुकूल विकास कार्यक्रम के तहत जलवायु […]
Read moreजलवायु परिवर्तन: तापमान में दो डिग्री वृद्धि तो बढ़ेंगे कीट, गेहूं की 46% और धान की 19 फीसदी पैदावार घटेगी
तापमान में दो डिग्री वृद्धि तो बढ़ेंगे कीट, गेहूं की 46% और धान की 19 फीसदी पैदावार घटेगी अगर तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की […]
Read moreकंक्रीट के जंगल को ठंढा रखने के लिए गर्म होता भारत
कंक्रीट के जंगल को ठंढा रखने के लिए गर्म होता भारत अरुण चन्द्र राय मार्च का महिना इस साल पिछले दस सालों में सबसे गरम […]
Read moreखूब बरसेगा मानसून, जल-नियोजन जरूरी !
खूब बरसेगा मानसून, जल-नियोजन जरूरी ! सुनील कुमार महला हाल ही में आईएमडी (भारतीय मौसम विभाग) ने यह जानकारी दी है कि इस बार देश […]
Read moreजल निधियों को उजाड़ने से प्यासे हैं शहर
जब दिल्ली में यमुना लबालब होती है तो यहाँ के नाले- कारखाने उसमें इतना जहर घोलते हैं कि नदी सारे रास्ते हाँफती है और जब पानी का संकट खड़ा होता है तो नदी की याद आती है । यह हाल केवल दिल्ली का नहीं, देश के लगभग सभी बड़े शहरों का है । अपने तालाबों पर मिट्टी डाल कर कंक्रीट से तन गया बैंगलुरु तो ’केपटाउन’ की तरह जल-शून्य की चेतावनी से बहाल है और अभी पंद्रह दिन में जब मानसून आएगा तो शहर जल भराव के चलते ठिठक जाएगा ।
Read moreमनुष्य के दुश्मन नहीं, हितकारी हैं समस्त पशु-पक्षी !
सुनील कुमार महला सोशल नेटवर्किंग साइट्स के फायदे भी बहुत हैं। हाल ही में फेसबुक पर राजस्थान के एक स्थानीय यू-ट्यूब रील्स कलाकार(कामेडियन) की एक […]
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