पर्यावरणीय प्रदूषण और जलवायु संकट: ज़हर हमारे चारों ओर… पवन नागर वर्तमान समय में जब दुनिया तकनीकी और आर्थिक प्रगति की नई ऊँचाइयाँ छू रही […]
Read moreAuthor: indiaclimatechange
उत्तराखंड के धारचूला का जल-आपदा खतरा
ग्लेशियल झील, क्लाउडबर्स्ट और नियम-उल्लंघन पर वैज्ञानिक विश्लेषण अजय सहाय धारचूला उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में समुद्र तल से लगभग 940 मीटर की ऊँचाई पर […]
Read moreहिमालयी आपदाओं का बदलता पैटर्न
जलवायु परिवर्तन, पश्चिमी विक्षोभ और मानव हस्तक्षेप का संयुक्त संकट अजय सहाय उत्तरकाशी में आई हालिया आपदा का पैटर्न वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई […]
Read moreपहले गाय और अब कुत्ते को घर से दूर कर क्या मिलेगा ?
न तो इंसान सुरक्षित हैं, न ही कुत्ते पंकज चतुर्वेदी बकौल विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) दुनिया में 36 प्रतिशत कुत्ते के काटने से होने वाले […]
Read moreहिमालयी ढलानों पर वृक्षों की पकड़ कमजोर होने के वैज्ञानिक कारण
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश का दो दशक का पर्यावरणीय विश्लेषण अजय सहाय उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दशकों में पेड़ों के धरती को […]
Read more…ताकि किश्तवाड़ और धराली जैसी आपदाओं से बचा जा सके !
अनियंत्रित निर्माण और प्राकृतिक आपदाएं सुनील कुमार महला दिन-ब-दिन प्रकृति मानव को अपना रौद्र रूप दिखा रही है। भूस्खलन हो, भू-धंसाव हो, बाढ़ हो(अतिवृष्टि), बादल […]
Read moreसुरक्षित पर्यटन और हिमालय संरक्षण
उत्तराखंड-हिमाचल के लिए चरणबद्ध, वैज्ञानिक और पर्यावरण-प्रथम नीति अजय सहाय उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे संवेदनशील हिमालयी राज्यों में पर्यटन (Tourism) एक प्रमुख आर्थिक आधार […]
Read moreग्लेशियर के प्रति लापरवाही महंगी पड़ रही हैं हिमालय को
ग्लोबल वार्मिंग या धरती का गरम होना पंकज चतुर्वेदी मौसम विभाग के आंकड़ों से यह तो साफ़ होता जा रहा हैं कि उत्तराखंड के धराली […]
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