अब शहरों में पेड़ हमें पार्क, बड़ी सोसाइटी के लॉन या सार्वजनिक जगहों पर मिलेंगे। पिछले कुछ वर्षों में शहर में सुंदरता के नाम पर फुटपाथ पक्के किए जा रहे हैं, नालियों को पाटा जा रहा है। अपने घरों में लोग गेट तक फर्श पक्का करवा रहे हैं जिससे घर में मिट्टी नहीं आए, पेड़ों से पत्ते नहीं गिरें।
Read moreAuthor: indiaclimatechange
आखिर बड्डाल में ‘क्लोरफेनापायर कहाँ से आया ?
हालांकि एट्रोपिन का इस्तेमाल ऑर्गेनोफॉस्फोरस विषाक्तता के लिए एक मारक है, लेकिन आश्चर्यजनक यह है कि किसी भी बीमार या मारे गए लोगों के शरीर में ऑर्गेनोफॉस्फोरस विषाक्तता के कोई लक्षण दिखे नहीं । अब मौत का कारण जिस क्लोरफेनापायर को कहा जा रहा है , उसका यहाँ दूर दूर तक कोई इस्तेमाल करता नहीं ।
Read moreयहां प्लास्टिक, वहां प्लास्टिक, आखिर कहां नहीं है प्लास्टिक ?
सुनील कुमार महला प्लास्टिक मनुष्य से लेकर धरती के समस्त जीवों, हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी के लिए एक प्रकार से ज़हर है। आज देश-दुनिया को […]
Read moreजल प्रबंधन और संरक्षण:
जल संकट का एकमात्र समाधान विकास परसराम मेश्राम जल मनुष्य के जीवन का मूल आधार है। धरती पर हर जीव का अस्तित्व जल पर निर्भर […]
Read moreजलवायु परिवर्तन पर तेलंगाना राज्य कार्य योजना
तेलंगाना दक्कन के पठार के मध्य में स्थित है जहाँ बहुत सारी लहरें, पहाड़ियाँ, नदियाँ, नाले, धाराएँ आदि पाई जाती हैं । तेलंगाना क्षेत्र में […]
Read moreस्वच्छ जल की सुलभता: आज भी एक चुनौती !
सुनील कुमार महला, फ्रीलांस राइटर भौगोलिक दृष्टि से भारत विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है, जबकि जनसंख्या के दृष्टिकोण से आज के समय दुनिया […]
Read moreजलवायु परिवर्तन पर सिक्किम राज्य कार्य योजना
सिक्किम एक उत्तर-पूर्वी भारतीय राज्य है जो 27डिग्री 04’ 46” दक्षिण से 28o 07’ 48” उत्तर अक्षांश और 88डिग्री 00’ 58” पश्चिम और 88डिग्री 55’ […]
Read moreजलवायु परिवर्तन पर तमिलनाडु राज्य कार्य योजना
वैश्विक स्तर पर अवलोकन जलवायु परिवर्तन परिदृश्य की ओर इशारा करते हैं क्योंकि तापमान बढ़ रहा है, समुद्र का स्तर बढ़ रहा है, चरम घटनाओं […]
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