तालाबों का भू-वैज्ञानिक, पर्यावरणीय, सामाजिक और कानूनी महत्व अजय सहाय भारत की पारंपरिक जल-संस्कृति में तालाब (पोंड/टैंक) हजारों वर्षों से ग्रामीण जल प्रबंधन का आधार […]
Read moreCategory: Environment (पर्यावरण )
खेतों की मेढ़ पर खड़ा ‘ग्लोबल वार्मिंग’ का सच
साल 2026 की यह फरवरी डराने वाली है, सूरज की तपिश ने समय से पहले ही मार्च के अंत वाले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पंकज […]
Read moreवन उत्पादों के व्यापार में सुधार के संकेत, लाखों लोगों को मिलता है रोज़गार
वन उत्पाद हमारे दैनिक जीवन का अहम हिस्सा हैं, जिनका प्रयोग निर्माण कार्यों से लेकर रसोई में चूल्हा गरम करने वाली लकड़ी के कोयले के […]
Read moreबापू (गांधी का स्वराज) , सर्वोदय और हलमा का समकालीन अर्थ
दूनिया जलवायु परिवर्तन, खाद्य असुरक्षा, भूमि क्षरण और जल संकट जैसी जटिल चुनौतियों से जूझ रही है विकास परसराम मेश्राम दूनिया जलवायु परिवर्तन, खाद्य असुरक्षा, […]
Read moreजब ग्रेप पाबंदी भी बेअसर हो !
दिल्ली एनसीआर को गैस चेम्बर में तब्दील होने का सबसे बड़ा कारण सड़कों पर राज करते वाहन हैं पंकज चतुर्वेदी दिल्ली की साँसों के संकट […]
Read moreअरावली बनाम तथाकथित विकास: प्रकृति के शोषण की कीमत
जलवायु और वर्षा संतुलन,भूमि क्षरण और बाढ़ नियंत्रण,वायु प्रदूषण से सुरक्षा के साथ ही अरावली कृषि और मानव जीवन का भी प्रमुख आधार सुनील कुमार […]
Read moreअरावली में नए खनन पट्टे देना तथा खनन चालू
नई परिभाषा ने तो अरावली की जमीन को ही हड़पने का षड्यंत्र किया है। जलपुरुष राजेन्द्र सिंह उच्चतम न्यायालय से भारत सरकार को नए खनन […]
Read moreअरावली मां के स्तन काटकर बेचने वाले अपराधी हैं
मां तो हमारा पोषण करती है, हमें जीवन विद्या देकर जीने योग्य बनाती है। लालची बनकर माई से कमाई करने वालों को छोड़कर, अरावली बचाने […]
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