Category: Article (लेख)

हिमालय पार करता मानसून

भारतीय आपदाएँ, वैश्विक जलवायु और जल आत्मनिर्भरता की दिशा अजय सहाय हिमालय और मानसून का संबंध केवल भारतीय उपमहाद्वीप तक सीमित नहीं है बल्कि यह […]

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हिमालय में क्लाउडबर्स्ट की बदलती प्रकृति रात से दिन तक बढ़ती घटनाएँ और जलवायु परिवर्तन का वैज्ञानिक सच

हिमालय में क्लाउडबर्स्ट की बदलती प्रकृति

रात से दिन तक बढ़ती घटनाएँ और जलवायु परिवर्तन का वैज्ञानिक सच अजय सहाय हिमालयी क्षेत्रों में क्लाउडबर्स्ट (मेघफटन) को प्राचीन काल से एक सामान्य […]

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समेकित विकास से बचाया जा सकता है निकोबार का पर्यावरण

समेकित विकास से बचाया जा सकता है निकोबार का पर्यावरण

हिन्द महासागर में 572 द्वीपों का समूह अंडमान निकोबार पंकज चतुर्वेदी क्या विकास के प्रतिमान में आदिम लोगों के नैसर्गिक पर्यावास, जीवन शैली , बोली-भाषा को संरक्षित करने की कोई नीति […]

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कहकशां नहीं, कहर है बारिश प्रकृति का उग्र चेहरा

कहकशां नहीं, कहर है बारिश का

प्रकृति का उग्र चेहरा सुनील कुमार महला मानव की इच्छाओं का कोई अंत नहीं है और आज मानव अपनी इच्छाओं, लालच और सुविधाओं की अंधी […]

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छोटी नदियों ने मचाई बड़ी तबाही

छोटी नदियों ने मचाई बड़ी तबाही

देहरादून के करीब बादल फटने ने चेता दिया है कि छोटी नदियों का अस्तित्व  अनिवार्य है पंकज चतुर्वेदी देहरादून जोली ग्रांट हवाई अड्डे से ऋषिकेश […]

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कीटों की घटती प्रजातियाँ इकोसिस्टम को खतरा !

कीटों की घटती प्रजातियाँ

इकोसिस्टम को खतरा ! सुनील कुमार हाल ही में एक प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक में एक खबर पढ़ी।खबर थी कि-‘पिछले 150 वर्षों में लाखों कीट प्रजातियां […]

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जलकुंभी संकट भारत की आर्द्रभूमियों पर सबसे बड़ा आक्रांता पौधा और उसका वैज्ञानिक-कानूनी समाधान

जलकुंभी संकट

भारत की आर्द्रभूमियों पर सबसे बड़ा आक्रांता पौधा और उसका वैज्ञानिक-कानूनी समाधान अजय सहाय भारत में जलकुंभी (Eichhornia crassipes) का संकट पिछले 120 वर्षों से […]

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आर्द्रभूमि संरक्षण न्यायालयीय निर्णयों से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 की दिशा

आर्द्रभूमि संरक्षण

न्यायालयीय निर्णयों से जल आत्मनिर्भर भारत 2047 की दिशा अजय सहाय भारत की आर्द्रभूमियाँ (Wetlands), जिन्हें प्रकृति की किडनी कहा जाता है, देश की पर्यावरणीय […]

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