पंकज चतुर्वेदी वहां कम बारिश होती है, इलाके की जमीन के भीतर के पानी में नमक ज्यादा है, यह बात वहां का समाज सदियों पहले […]
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दिल्ली में जहर हो चुका भू जल
पंकज चतुर्वेदी देश की राजधानी की आबादी बढ़ती जा रही है और उसी गति से यहाँ पानी की मांग बढ़ यही है । यमुना से […]
Read moreभूस्खलन को हल्के में लेना भारी पड़ेगा पहाड़ को
पंकज चतुर्वेदी अब तो बरसात बंद हो गई है लेकिन उत्तराखंड के पहाड़ों का रूठना बंद नहीं हो रहा । एक तरफ प्रधानमंत्री का “10 […]
Read moreपरम्परा के नाम पर जीवन से खिलवाड़ क्यों ?
रोहित कौशिक दीपावली के दौरान होने वाले वायु प्रदूषण से वातावरण में हानिकारक गैसों एवं तत्वों की मात्रा आश्चर्यजनक रूप से बढ़ जाती है। दीपावली […]
Read moreआओ ! छठ के घाट साल भर संवारें
पंकज चतुर्वेदी दिल्ली की आबादी में इतने अधिक पूर्वांचली न होते और छठ पर्व की इतनी धूम न होती तो शायद लोगों को यमुना की […]
Read moreदीपावली पर प्रदूषण की मार : शहर के कई स्थानों पर पीएम 2.5 मानक से पार
पटाखों के धुएं से मुंबई की हवा खराब 24 घंटे में 38 फीसदी बढ़ गया प्रदूषण दिवाली में पटाखों की आतिशबाजी से शहर में वायु […]
Read moreदिवाली का पर्व और वायु प्रदूषण
बीती रात देशभर में दिवाली का पर्व मनाया गया। राजधानी में दिल्लीवालों ने देर रात तक तमाम प्रतिबंधों को धुएं में उड़ाते हुए जमकर आतिशबाजी […]
Read moreजंगल बचाना है तो हाथी बचाना होगा
पंकज चतुर्वेदी जब सारा देश महालक्ष्मी की पूजा की तैयारी कर रहा था , ठीक उसी समय की पंद्रह दिनों के भीतर कुछ सौ वर्ग […]
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