इस साल कश्मीर का सेब दिल्ली तक रेल से लाने का प्रयोग पंकज चतुर्वेदी बीते कुछ सालों से जलवायु परिवर्तन की मार से बेहाल धरती […]
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विशेषीकृत आपदा विज्ञान विभाग
ग्लोबल वार्मिंग और बदलते जलवायु परिदृश्य में राज्यों की नई आवश्यकता अजय सहाय पिछले कुछ दशकों में बढ़ते ग्लोबल वार्मिंग और बदलते जलवायु पैटर्न ने […]
Read moreपर्यावरण संरक्षण के साथ देवोपासना के उदाहरण देवालय!
परम्परा भी और संस्कार भी पंकज चतुर्वेदी यह परम्परा भी है और संस्कार भी, जयपुर के परकोटे में स्थित ताड़केश्वर मंदिर की खासियत है कि […]
Read moreसांस छीनती डिस्टलरी पर प्रशासन का अंकुश
वर्षों से जहरीली बदबू और प्रदूषित पानी झेल रही नौगांव नगर रवीन्द्र व्यास ( छतरपुर/बुंदेलखंड ) वर्षों से जहरीली बदबू और प्रदूषित पानी झेल रही […]
Read moreनए भारत के लिए नई हिमालयी राजनीति
विज्ञान, भूगर्भ और वैश्विक अनुभवों का समन्वय अजय सहाय हिमाचल प्रदेश और पूरे भारतीय हिमालयी क्षेत्र की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि यहाँ के […]
Read moreरिवर फ्रंट: नदी, नियोजन और पर्यावरणीय सरोकार
किसी भी राज्य में रिवर फ्रंट से जुड़ी गतिविधियों की शुरुआत से पहले वहां की भौगोलिक परिस्थितियों और स्थानीय लोगों को भरोसे में लेना भी […]
Read moreतमिलनाडु के मंदिरों में चमगादड़
आस्था से सुरक्षित और आस्था से ही संकटग्रस्त कंगकना पाल तिरुनेलवेली जिले के मुरप्पनाडु गांव में स्थित, सदियों पुराना कैलासनाथर मंदिर बड़ी संख्या में चमगादड़ों […]
Read moreहिमालयी ऑल-वेदर रोड
विकास और आपदा के बीच 5–7 मीटर का संतुलन अजय सहाय हिमालय में 5 से 7 मीटर चौड़ी ऑल-वेदर सड़क निर्माण का प्रश्न केवल विकास […]
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