साल में 50 दिन ज्यादा झेलनी पड़ेगी गर्मी
देश में गर्मी का कहर और बढ़ने वाला है। 2025 में भारत में चरम मौसम के प्रभाव देखे गए। फरवरी-सितंबर जैसे महीनों में गर्मी का प्रभाव रहा। अगले कुछ दशकों में भारत में खतरनाक स्तर की गर्मी वाले दिनों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। भारत में बढ़ती गर्मी और उमस को लेकर किए गए एक नए वैज्ञानिक अध्ययन ने चेतावनी दी है कि आने वाले वर्षों में हीट स्ट्रेस यानी शरीर पर पडने वाला गर्मी का दबाव गंभीर रूप ले सकता है। यह अध्ययन जर्मनी, पुर्तगाल, ब्राजील और आइआइटी रुड़की के विशेषज्ञों ने किया है।
क्यों बढ़ रही है गर्मी
जयवायु परिवर्तनत से तापमान में बढ़ोतरी और अलग-अलग क्षेत्रों में आर्द्रता के बदलते पैटर्न इसकी मुख्य वजह हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस खतरे से निपटने के लिए हर क्षेत्र के हिसाब से अलग रणनीति बनाने की जरूरत है।
2041-2070 के बीच बड़ा बदलाव
अवधि खतरनाक गर्मी के दिन अत्यधिक खतरनाक दिन
(27 डिग्री से ऊपर) (32 डिग्री से ऊपर)
2041-2070 50 दिन की वृद्धि 05 दिन की वृद्धि
2071-2100 (गर्मी में) 75 दिन प्रति वर्ष 75 दिन प्रति वर्ष
2071-2100 (बसंत में) 75 दिन प्रति वर्ष 20 दिन प्रति वर्ष
मध्य सदी तक बड़ा बदलाव
अध्ययन के मुताबिक 2041-2070 के बीच देश में खतरनाक गर्मी वाले दिन पहले की तुलना में 50 से ज्यादा बढ़ जाएंगे। 21वीं सदी के आखिर तक यह स्थिति और भयावह हो जाएगी। गर्मी के मौसम में साल के 75 से ज्यादा दिन ऐसे होंगे जब हीट इंडेक्स 27 डिग्री से ऊपर रहेगा। सर्दियों में तटीय इलाकों में असर ज्यादा रहेगा, जबकि गर्मी के मौसम में उत्तरी क्षेत्रों में परेशानी होगी।
साभार – पत्रिका न्यूज नेटवर्क