मूक जीवों के लिए करुणा का संकल्प: यह हमारी सनातन भारतीय संस्कृति का अहम् हिस्सा !
पूरी दुनिया में ग्लोबल वार्मिंग लगातार बढ़ती चली जा रही है और यह चिंताजनक बात है सुनील कुमार महला पूरी दुनिया में ग्लोबल वार्मिंग लगातार […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
पूरी दुनिया में ग्लोबल वार्मिंग लगातार बढ़ती चली जा रही है और यह चिंताजनक बात है सुनील कुमार महला पूरी दुनिया में ग्लोबल वार्मिंग लगातार […]
Read moreपृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र का टूटता संतुलन और मानव सभ्यता पर बढ़ता अस्तित्व संकट अजय सहाय जलवायु परिवर्तन, अंधाधुंध वनों की कटाई, वायु प्रदूषण, जल […]
Read moreमां तो हमारा पोषण करती है, हमें जीवन विद्या देकर जीने योग्य बनाती है। लालची बनकर माई से कमाई करने वालों को छोड़कर, अरावली बचाने […]
Read moreअरावली पर्वतमाला, जो विश्व की सबसे प्राचीन पर्वत शृंखलाओं में से एक है, पश्चिमी भारत में एक मौन पारिस्थितिक प्रहरी के रूप में सदियों से […]
Read moreबाढ़ मैदान, ढलान और हिमालयी आपदाएँ अजय सहाय हिमालय केवल पर्वतों की श्रृंखला नहीं है, बल्कि यह भारत की जल-सुरक्षा, जलवायु संतुलन, नदियों के उद्गम, […]
Read moreयदि धरती को जलवायु परिवर्तन से बचाना है, तो वेटलैंड बचाना अनिवार्य है अजय सहाय वेटलैंड—जिन्हें धरती के “किडनी”, “कार्बन-सिंक” और “प्राकृतिक जल-टैंक” के रूप […]
Read moreप्लास्टिक प्रकृति, जीवन और भविष्य-तीनों का दुश्मन सुनील कुमार महला प्लास्टिक पर्यावरण का मौन ज़हर है। यह हवा, पानी और मिट्टी को प्रदूषित करता है, […]
Read moreजलवायु परिवर्तन ने सब्जी व अनाज के रोग बदले जलवायु परिवर्तन ने इंसानों के साथ सूक्ष्म जीवों और कीटों की दुनिया में भी उथलपुथल मचा […]
Read moreखनन अरावली की प्रकृति और संस्कृति—दोनों के विरुद्ध है। जलपुरुष राजेंद्र सिंह अरावली के गर्भ से सैकड़ों नदियों का जन्म हुआ है, जो खनन एवं […]
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