कश्मीर का सेब: मुनाफे की चमक के पीछे छिपा जानलेवा जहर
पंकज चतुर्वेदी कश्मीर की वादियों में सेब के बागान केवल पेड़ों की कतारें नहीं हैं, बल्कि ये उस अर्थव्यवस्था की बुनियाद हैं जिस पर हजारों […]
Read moreA Portal Dedicate to Indian Climate Change and Ecology in Hindi
पंकज चतुर्वेदी कश्मीर की वादियों में सेब के बागान केवल पेड़ों की कतारें नहीं हैं, बल्कि ये उस अर्थव्यवस्था की बुनियाद हैं जिस पर हजारों […]
Read moreएक बड़ी आबादी के लिए यह पोषण नहीं था और इससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर संकट मंडरा रहा था सरकार ने अप्रैल 2022 में राशन […]
Read more30 मार्च ‘अंतरराष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस’ सुनील कुमार महला हर वर्ष 30 मार्च को ‘अंतरराष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस’ मनाया जाता है। वास्तव में इस दिवस […]
Read moreसाल 2026 के मार्च का पहला सप्ताह एक ऐसी खामोशी लेकर आया है जिसने पर्यावरणविदों और नीति-निर्धारकों की नींद उड़ा दी पंकज चतुर्वेदी कश्मीर की […]
Read moreतपती धरती और बढ़ता संकट: क्या हम चेतेंगे ? सुनील कुमार महला लगातार अंधाधुंध दोहन और प्रकृति के प्रति लापरवाही के कारण आज हमारी धरती(नीला […]
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Read moreझारखंड में सामुदायिक वन अधिकार के तहत ग्रामसभाएं जंगल के संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी निभा रही हैं। इससे जंगल बचाने के साथ ग्रामीणों की […]
Read moreवैश्विक जल संकट केवल पर्यावरणीय मुद्दा नहीं बल्कि अस्तित्व, अर्थव्यवस्था, स्वास्थ्य और सामाजिक स्थिरता से जुड़ा एक जटिल संकट बन चुका है। अजय सहाय विश्व […]
Read moreजल पंचमहाभूतों-जल, अग्नि, वायु, पृथ्वी और आकाश में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण तत्व है सुनील कुमार महला प्रतिवर्ष 22 मार्च को ‘विश्व जल दिवस’ मनाया […]
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