ज़हरीली हवा — कब तक जीवन साँस ले पाएगा?

“ज़हरीली हवा — कब तक जीवन साँस ले पाएगा?”

महानगरों की चमक, औद्योगिक प्रगति और निरंतर बढ़ते वाहन सुनीता बंसल हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ सांस लेना भी अब सुरक्षित […]

Read more
इंद्रावती: लोकगाथा, लोकसाहित्य और बस्तर की जलसंस्कृति का जीवंत संगम

इंद्रावती: लोकगाथा, लोकसाहित्य और बस्तर की जलसंस्कृति का जीवंत संगम

छत्तीसगढ़ की इंद्रावती नदी डॉ. रुपेन्द्र कवि नदियाँ जब केवल जलधारा न रहकर संस्कृति की वाहक, लोक स्मृति की रक्षक और समूह-मानवता की चेतना बन […]

Read more
हिमालय की ऊंचे पहाड़ों से उठते जीवन के स्वर, गिर्दा और पंत की भूमि से हरीश बहुगुणा की अनोखी कहानी-

हिमालय की ऊंचे पहाड़ों से उठते जीवन के स्वर, गिर्दा और पंत की भूमि से हरीश बहुगुणा की अनोखी कहानी-

हरीश बहुगुणा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है अमनदीप नारायण सिंह हर किसी की जिंदगी में एक मोड़ आता है, जब दिल की आवाज […]

Read more
जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध ग्लेशियरों का संरक्षण कैसे करें? समाधान और सुझाव

जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध ग्लेशियरों का संरक्षण कैसे करें?

समाधान और सुझाव अजय सहाय जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध ग्लेशियरों का संरक्षण आज मानव अस्तित्व और पृथ्वी की जल, पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी स्थिरता के लिए […]

Read more
प्लास्टिक प्रदूषण का गहरता संकट दुनिया के सामने एक और व्यापक संकट माईक्रोप्लास्टिक

प्लास्टिक प्रदूषण का गहरता संकट

दुनिया के सामने एक और व्यापक संकट माईक्रोप्लास्टिक अमनदीप  नारायण सिंह आज दुनिया के सामने एक और व्यापक संकट माईक्रोप्लास्टिक के रूप में खड़ी है, […]

Read more
सरकारी तालाब और जल आत्मनिर्भर भारत 2047 एक वैज्ञानिक विश्लेषण

सरकारी तालाब और जल आत्मनिर्भर भारत 2047

एक वैज्ञानिक विश्लेषण अजय सहाय भारत एक ऐसा देश है जहां औसत वार्षिक वर्षा 4000 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) होती है, परंतु लगभग 1869 BCM […]

Read more
वृक्षारोपण और संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण – अमरेली जिले का "नाना माचियाला" गांव

वृक्षारोपण और संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण

अमरेली जिले का “नाना माचियाला” गांव अभिषेक गोंडलिया हरित और स्वच्छ वातावरण के लिए ग्रामीणों का भगीरथ प्रयास सौराष्ट्र क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के लिए […]

Read more
पानी बचाने की क्रांति भारतीय अनुभव और वैश्विक तकनीकों का मेल

पानी बचाने की क्रांति

भारतीय अनुभव और वैश्विक तकनीकों का मेल अजय सहाय भारत में सरकारी तालाबों की भूमिका वर्ष 2047 तक ‘जल आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य की प्राप्ति […]

Read more