नासूर बनता प्रदूषण का बढ़ता स्तर
– योगेश कुमार गोयल कल-कारखानों एवं फैक्टरियों से निर्बाध रूप से निकलने वाले कार्बन उत्सर्जन वायु प्रदूषण के स्तर को…
वर्ष 2050 तक विश्व की तीन चौथाई आबादी होगी सूखा प्रभावित ।
सुनील कुमार महला हाल ही में यूएनसीसीडी यानी कि यूनाइटेड नेशन कन्वेंशन टू कंबैट डेजर्टिफिकेशन और यूरोपियन कमीशन ज्वाइंट रिसर्च…
पाताल में जाते भूजल से पंजाब के रेगिस्तान होने का खतरा
पंकज चतुर्वेदी खेती किसानी के कारण देश के सबसे खुशहाल राज्यों में से एक पंजाब पर रेगिस्तान होने का खतरा…
बन्नेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान में बढ़ेगा गिद्धों का कुनबा
हरियाणा के पिंजौर गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र से आएंगे 20 गिद्ध बेंगलूरु. बन्नेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान (बीएनपी) में बहुप्रतीक्षित गिद्ध प्रजनन…
खेती को खतरा बनता बदलता मौसम
पंकज चतुर्वेदी अक्तूबर और नवंबर के बाद दिसंबर का दूसरा हफ्ता भी बिना बारिश के ही बीत रहा है। खेती,…
जलवायु परिवर्तन का दुष्परिणाम है बढ़ता चक्रवात का दायरा
पंकज चतुर्वेदी 25 नवंबर से पुडुचेरी- तमिलनाडु में अरबी भाषा में कॉफी का कप अर्थात फेंगल की ऐसे मार पड़ी…
जलवायु परिवर्तन के वित्तीय खर्चों को विकसित देश वहन करें
पंकज चतुर्वेदी दिल्ली में जब हवा जहरीली हुई तो ग्रेप-4 के कानूनों के मुताबिक यहाँ निर्माण कार्य बंद कर दिए…
(विश्व मृदा दिवस 5 दिसंबर पर विशेष)
मृदा स्वास्थ्य की देखभाल और प्रबंधन डॉ. मौहम्मद अवैस मृदा या मिटटी पर्यावरण का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है। मानव जीवन…
क्यों कामयाब नहीं है नमामि गंगे परियोजना
गंगा की निर्मलता को नारों नहीं संकल्प की जरूरत पंकज चतुर्वेदी आस्था के केंद्र बनारस में गंगा और उससे मिलने…
आखिर कौन नही चाहता है नदी-तालाब जोड़
पंकज चतुर्वेदी बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले में कोई 12 साल पहले सदा नीरा नदी से तालाबों को जोड़ने की बहुत…
खतरे में धरती….
डॉ. सुधीर सक्सेना पृथ्वी अगर चिट्ठी लिख सकती ते उसने अपने आँसुओं की स्याही से सौरमंडल के सहोदर ग्रहों के…
रासायनिक खादों के स्थान पर हो प्राकृतिक खेती पर जोर!
सुनील कुमार महला हाल ही में ब्राजील, रियो-दि-जानेरो में जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि…
विकास के विस्तारवादी होने से जहर हो रही है हवा
पंकज चतुर्वेदी बीते एक दशक से यह साल अब यही होता है कि सुप्रीम कोर्ट आतिशबाजी को ले आकर चेतावनी…
हिमालय पर तापमान बढ़ने के खतरे
प्रमोद भार्गव संपूर्ण हिमालय के पहाड़ एवं भूभाग 21वीं ‘ शताब्दी के सबसे बड़े बदलाव के खतरनाक दौर से गुजर…