1990 से आज तक का परिवर्तन और Vision-2047 का पर्यावरणीय भविष्य अजय सहाय 1990 के दशक में भारत और दुनिया के बड़े शहरों में प्रदूषण […]
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क्या सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की बर्बादी की इबारत लिख दी ?
जब अवैध खनन रुक ही नहीं रहा तो स्थानीय जमीन से 100 मीटर या उससे अधिक ऊंची पहाड़ियों को ही ‘अरावली’ माना जाए । […]
Read moreभारत की प्राचीनतम विरासत अरावली को बचाएं
अब अरावली विरासत को बचाने के लिए कौन जिम्मेदार है? जलपुरुष राजेंद्र सिंह भारत की प्राचीनतम विरासत अरावली पर्वतमाला है। यह दुनिया की दूसरी प्राचीनतम […]
Read moreअरावली का पुनः नया संकट – प्रकृति और संस्कृति का विध्वंस है।
अरावली को बचाने वालों से आज तक कभी भी कोई रिपोर्ट तैयार करने वाला नहीं मिला। जलपुरुष राजेन्द्र सिंह जी अरावली क्षेत्र में 1980 के […]
Read moreसूर्य- विकिरण संकट
क्या जलवायु परिवर्तन से अंतरिक्ष मौसम के खतरे बढ़ रहे हैं? पंकज चतुर्वेदी अभी एथियोपिया से उठे ज्वालामुखी के गुबार से हवाई जहाजों के संचालन […]
Read moreनवीन वलित पर्वत
दुनिया के सबसे ख़तरनाक भूभाग और नया भूकंप मानचित्र सुनील कुमार महला भूकंप की दृष्टि से हमारा देश बहुत ही संवेदनशील क्षेत्र में आता है।इस […]
Read moreकॉमन्स और स्वशासन: समुदायों की भागीदारी क्यों जरूरी है
सामुदायिक संसाधनों पर चर्चा और जागरुकता बनाए रखने के लिए ग्राम-सभाओं को सशक्त बनाना और उनके एजेंडे को कॉमन्स और समुदाय की जरूरतों पर केंद्रित […]
Read moreभारत में आर्सेनिक संकट: हिमालयी भू–रसायन, गंगा मैदानी तलछट और मानव स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
WHO, भारत सरकार और वैज्ञानिक रिकॉर्ड के आधार पर 2047 का विज़नरी विश्लेषण अजय सहाय विश्व स्तर पर वैज्ञानिकों और भारत सरकार के जल विशेषज्ञों […]
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