शून्य तीर्थयात्री दिवस, चरम वर्षा और जलवायु परिवर्तन की चुनौती हिमालय के चार धाम—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—के साथ अमरनाथ और वैष्णो देवी जैसे प्रमुख […]
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हिमाचल में भूमि बंदोबस्त
परंपरा से तकनीक तक की यात्रा विजय ठाकुर हिमाचल प्रदेश की पहचान जितनी उसकी वादियों, नदियों और पहाड़ों से है, उतनी ही उसकी ज़मीन से […]
Read moreनकली बादल असलियत नहीं जानते
नकली बादल से झील भरने के लिए देश-विदेश की कम्पनियाँ बुला लीं। पंकज चतुर्वेदी जयपुर से कोई 32 किलोमीटर दूर जमवा रामगढ़ की झील कभी […]
Read moreपिघलते हिमालय और बनते वेटलैंड्स
जैव विविधता, आपदा और जल आत्मनिर्भरता की चुनौती अजय सहाय हिमालयी क्षेत्र को विश्व की “तीसरी ध्रुवीय पट्टी” कहा जाता है क्योंकि यहाँ 9,575 से […]
Read moreपंजाब बाढ़ राहत
यह तो जान लें कि उनकी जरूरत क्या है ? पंकज चतुर्वेदी देश का अन्नपूर्णा बीते कई दशकों की सबसे भयावह बाढ़ से जूझ रहा […]
Read moreउष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में वनों की कटाई
हर साल लगभग 28,000 से 28,330 अतिरिक्त मौतें ! सुनील कुमार महला वन जीवन का मुख्य आधार व प्रकृति का खज़ाना हैं।जंगल केवल कार्बन स्टोर […]
Read moreप्रकृति की ओर वापसी
जब एक युवा ने थामी प्राकृतिक खेती की डोर रोहित पराशर शहरों की चकाचौंध और भागदौड़ भरी जिंदगी को छोड़कर, कोई युवा अपने गाँव की […]
Read moreहिमालयी महाप्रलय
जलवायु परिवर्तन, चरम वर्षा और ग्लेशियर संकट का वैज्ञानिक विश्लेषण (2010–2025) अजय सहाय हिमालय जिसे “तीसरा ध्रुव” (Third Pole) कहा जाता है, इस शताब्दी की […]
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