हर साल लगभग 28,000 से 28,330 अतिरिक्त मौतें ! सुनील कुमार महला वन जीवन का मुख्य आधार व प्रकृति का खज़ाना हैं।जंगल केवल कार्बन स्टोर […]
Read moreTag: #पर्यावरण
प्रकृति की ओर वापसी
जब एक युवा ने थामी प्राकृतिक खेती की डोर रोहित पराशर शहरों की चकाचौंध और भागदौड़ भरी जिंदगी को छोड़कर, कोई युवा अपने गाँव की […]
Read moreहिमालयी महाप्रलय
जलवायु परिवर्तन, चरम वर्षा और ग्लेशियर संकट का वैज्ञानिक विश्लेषण (2010–2025) अजय सहाय हिमालय जिसे “तीसरा ध्रुव” (Third Pole) कहा जाता है, इस शताब्दी की […]
Read moreखेती और ज़मीन, पहाड़ और खनन
भारत की पहचान उसके खेत और पहाड़ कपिल मेवाड़ा भारत की पहचान उसके खेत और पहाड़ हैं। खेती हमारी खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की […]
Read moreजलवायु परिवर्तन और भारतीय मत्स्य उद्योग का पतन
भारतीय मछुआरे घटती मछली संख्या और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की दोहरी मार झेल रहे हैं, जो मछलियों को ठंडे और गहरे पानी की ओर […]
Read moreयुवा और नाजुक हिमालय पर पर्यटन का दबाव
भूगर्भीय सहनशीलता, भार वहन क्षमता और वैज्ञानिक चेतावनी अजय सहाय हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्य हाल ही में बने युवा हिमालय (Newly Himalayan Range) […]
Read moreजब जीवनदायी पेड़ हो जाते हैं जानलेवा
शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण भी पेड़ों के लिए बड़ा खतरा है पंकज चतुर्वेदी जश्ने आज़ादी की पूर्व संध्या पर जब तगड़ी बरसात हो रही […]
Read moreचीन का वेस्टर्न वॉटर डाइवर्ज़न मॉडल और भारत का थार
मरुस्थलीकरण से जल–आत्मनिर्भरता तक की दूरदर्शी दिशा अजय सहाय भारत एक विशाल भूगोल वाला देश है जिसकी नदियाँ, जलवायु और पारिस्थितिकी अत्यंत विविधतापूर्ण हैं; पूर्वोत्तर […]
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