बरसात, जो कभी वरदान कहलाती थी सुनील कुमार इस साल देशभर में बारिश बहुत ज्यादा कहर मचा रही है। जगह-जगह तबाही का आलम है।बरसात, जो […]
Read moreTag: #पर्यावरण
ग्रामीण कचरा प्रबंधन के मिथक
कचरा प्रबंधन से जुड़ी रणनीतियां आरती सचदेवा भारत की 64% आबादी गांवों में रहती है। फिर भी सरकारों और नीति-निर्माताओं द्वारा कचरे की समस्या को […]
Read moreगणपति का स्वागत करें प्रकृति सहेज कर !
गणपति बप्पा मौर्या, मंगल मूर्ति मौर्या पंकज चतुर्वेदी कुछ ही दिनों में बारिश के बादल अपने घरों को लौटने वाले हैं । सुबह सूरज कुछ […]
Read moreक्लाउडबर्स्ट घटनाएँ और चरम वर्षा पैटर्न
जलवायु परिवर्तन के वैज्ञानिक कारण, आँकड़े और समाधान अजय सहाय क्लाउडबर्स्ट या बादल फटना एक ऐसी विनाशकारी घटना है जिसमें सीमित क्षेत्र (आमतौर पर 20–30 […]
Read moreभूस्खलन और पर्वतीय पारिस्थितिकी की नाजुकता
वैज्ञानिक कारण, भूगर्भीय सच्चाई और आँकड़ों पर आधारित विश्लेषण अजय सहाय भूस्खलन (Landslides) एक ऐसी भू-आकृतिक प्रक्रिया है जिसमें पर्वतीय ढलानों से मिट्टी, चट्टानें, गाद, […]
Read moreहिमालय बचाइए तो देश बचेगा
प्रकृति ही नहीं जलवायु परिवर्तन के जिम्मेदार हम मनुष्य भी हैं। शिवचरण चौहान इस साल पहाड़ों पर बहुत अधिक बरसात हुई है। बहुत अधिक भूस्खलन […]
Read moreअगली पीढ़ी के लिए कठिन वर्तमान और अनिश्चित भविष्य की वजह बनता जलवायु संकट
जानिए क्यों बच्चों की सुरक्षा और बेहतरी भी जलवायु संकट से जुड़ी चर्चाओं का विषय बननी चाहिए। जननी शेखर यूनीसेफ बच्चों पर जलवायु परिवर्तन के […]
Read moreजलवायु परिवर्तन: पिघलते ग्लेशियर व बारिश ने 11,113 नदियों को बनाया खतरनाक
एशिया की जीवनरेखा पर संकट हिमालय, तिब्बत और पामीर क्षेत्र की 11,113 नदियों में जल प्रवाह तेजी से बढ़ा है। अध्ययन में पाया गया कि […]
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