डॉ. सुधीर सक्सेना पृथ्वी अगर चिट्ठी लिख सकती ते उसने अपने आँसुओं की स्याही से सौरमंडल के सहोदर ग्रहों के नाम एक चिट्ठी जरूर लिखी […]
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विकास के विस्तारवादी होने से जहर हो रही है हवा
पंकज चतुर्वेदी बीते एक दशक से यह साल अब यही होता है कि सुप्रीम कोर्ट आतिशबाजी को ले आकर चेतावनी देता है , आदेश देता […]
Read moreहिमालय पर तापमान बढ़ने के खतरे
प्रमोद भार्गव संपूर्ण हिमालय के पहाड़ एवं भूभाग 21वीं ‘ शताब्दी के सबसे बड़े बदलाव के खतरनाक दौर से गुजर रहे हैं । इसी स्थाई […]
Read moreसंदर्भ- अंटार्कटिका में कम होती बर्फ
अंटार्कटिका में घट रही है बर्फ प्रमोद भार्गव जलवायु परिवर्तन के संकेत अब अंधी आंखों से भी दिखने लगे है। नए शोध बताते हैं कि […]
Read moreसंदर्भ- बाकू में चल रहा 29 सम्मेलन
जीवाश्म ईंधन पर के मुद्दे पर छाई निराशा प्रमोद भार्गव आज कल कश्यप सागर के पष्चिमी तट पर स्थित अजरबैजान की राजधानी बाकू में जीवाश्म […]
Read moreमौसम की मार से पलायन के बढ़ते खतरे
पंकज चतुर्वेदी ‘आजादी के बाद भारत की सबसे बड़ी त्रासदी किसको कहा जा सकता है ?’ यदि इस सवाल का जवाब ईमानदारी से खोजा जाए […]
Read moreभूस्खलन को हल्के में लेना भारी पड़ेगा पहाड़ को
पंकज चतुर्वेदी अब तो बरसात बंद हो गई है लेकिन उत्तराखंड के पहाड़ों का रूठना बंद नहीं हो रहा । एक तरफ प्रधानमंत्री का “10 […]
Read moreदिवाली का पर्व और वायु प्रदूषण
बीती रात देशभर में दिवाली का पर्व मनाया गया। राजधानी में दिल्लीवालों ने देर रात तक तमाम प्रतिबंधों को धुएं में उड़ाते हुए जमकर आतिशबाजी […]
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