साल 2026 की यह फरवरी डराने वाली है, सूरज की तपिश ने समय से पहले ही मार्च के अंत वाले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पंकज […]
Read moreTag: #पर्यावरण
एनजीटी में होने चाहिए 51 सदस्य, हैं महज 5
साफ है कि सरकार कथित विकास के नाम पर पर्यावरण पर बुलडोजर चलाते रहना चाहती है पंकज चतुर्वेदी बुदेलखंड में छतरपुर शहर के सबसे बड़े […]
Read moreबुद्धा नाला: पंजाब से राजस्थान तक बहता जल संकट
कभी ताज़ा पानी देने वाला लुधियाना का बुद्धा नाला अब प्रदूषित जल और उद्योगों के कचरे से भर चुका है। यह दूषित जल पंजाब से […]
Read moreभविष्य के जलवायु समझौतों के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज: क्योटो प्रोटोकॉल
16 फरवरी 2005 को क्योटो प्रोटोकॉल आधिकारिक रूप से लागू हुआ था सुनील कुमार महला पर्यावरणीय दृष्टि से 16 फरवरी का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना […]
Read moreजलवायु परिवर्तन के युग में सहनशील भारत
वैज्ञानिक आधार और पर्यावरणीय समाधान अजय सहाय जलवायु सहनशीलता (Climate Resilience) वह वैज्ञानिक, पारिस्थितिक और सामाजिक क्षमता है जिसके माध्यम से कोई समाज, पारिस्थितिकी तंत्र […]
Read moreआखिर क्यों चर्चा में है ‘खेजड़ी बचाओ जन-आंदोलन।’
सोलर पावर प्रोजेक्ट्स स्थापित करने के लिए कंपनियां बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ों की कटाई कर रही सुनील कुमार महला इन दिनों राजस्थान में […]
Read moreमरुधरा का महासंकट: उजड़ते ओरण और अस्तित्व की लड़ाई
‘खेजड़ी और ओरण बचाओ आंदोलन’ महज़ चंद पेड़ों को बचाने की कवायद नहीं है पंकज चतुर्वेदी राजस्थान के पश्चिमी अंचल में इन दिनों एक ऐसी […]
Read moreजब बिजली जाती है तो मक्का क्यों नहीं ?
बदले हालात और भारत के साथ रिश्तों में आई खटास का खामियाजा बिहार के मक्का पैदा करने वाले किसानों को उठाना पड रहा है पंकज […]
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