पंकज चतुर्वेदी भारत में करोड़ों लोगों को घर की ज़रूरत है और इसे टाला नहीं जा सकता। लेकिन घर बनाते समय यह भी देखना होगा […]
Read moreTag: #पर्यावरण
प्रकृति का बढ़ता क्रंदन: आत्ममंथन की घड़ी
पंकज चतुर्वेदी 3 अक्टूबर का दिन आज के दौर में एक विशेष चेतावनी लेकर आता है—यह हमें ठहरकर यह सोचने पर विवश करता है कि हमने […]
Read moreकरोड़ों रुपये खर्च, फिर भी कराह रही यमुना
रोहित कौशिक देश की महत्वपूर्ण नदी यमुना का प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन गया है। यमुना के प्रदूषण को लेकर समय-समय पर कई अध्ययन […]
Read moreनदियों के संरक्षण और सांस्कृतिक महत्व पर ‘एक शाम नदी के नाम’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन
सभ्यता और संस्कृति का जीवंत इतिहास रही नदियों के संरक्षण और उनकी महत्ता को रेखांकित करने के लिए दुर्गावती रामनाथ शिक्षा चिकित्सा न्यास द्वारा ‘एक […]
Read moreविदेशी आक्रामक प्रजातियों से पैदा हो रहे हैं कई खतरे
रोहित कौशिक प्रकृति में जीव-जंतुओं और पेड़-पौधों का विशेष महत्व है। यह जैवविविधता ही प्रकृति की असली ताकत है। पौधों और जीवों के माध्यम […]
Read moreबिहार का शोक बनी कोसी नदी: जलवायु परिवर्तन, बढ़ता संकट
पंकज चतुर्वेदी सहरसा जिले के सिरवार गाँव में कोसी ऐसी बिफरी कि जमीन का बाद हिस्सा अपने साथ ले गई । दर्जनों घर नदी में […]
Read moreमानसून है तो बाढ़ भी जरुरी है !
पंकज चतुर्वेदी प्यास और पानी के लिए पलायन के कारण कुख्यात बुंदेलखंड में महाराज छत्रसाल द्वारा स्थापित छतरपुर शहर के सबसे बड़े तालाब किशोर सागर […]
Read moreभारत में जलवायु परिवर्तन और दुग्ध उत्पादन: बढ़ती गर्मी का पशुधन पर प्रभाव
पंकज चतुर्वेदी भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है। दूध ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पोषण, महिला रोजगार और छोटे किसानों की आय का महत्त्वपूर्ण आधार है। […]
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