डॉ. स्वप्निल व्यास — प्राध्यापक, लेखक एवं पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता, इंदौर हम जब किसी रास्ते पर चलते हैं तो पीछे अपने पैरों के निशान छोड़ […]
Read moreTag: #पर्यावरण
जलवायु आपदा की सर्वाधिक मार झेलता बाल बचपन: एक नीरव वैश्विक त्रासदी
धीरेन्द्र कुमार त्रिपाही, सहायक संपादक , इंडियाक्लाइमिटचेंज . कॉम जलवायु परिवर्तन अब दूरगामी भविष्य की कोई काल्पनिक चेतावनी या वैज्ञानिक गोष्ठियों तक सीमित विषय नहीं […]
Read moreमेघालय में कम बारिश: बादलों के घर पर मँडराता जल संकट और जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौती
धीरज चतुर्वेदी ‘मेघालय’ का शाब्दिक और पौराणिक अर्थ है—‘मेघों का आलय’ यानी बादलों का घर। यह भारतीय उपमहाद्वीप का वह मनोरम और भौगोलिक दृष्टि से […]
Read moreसियांग: नदी को समझे बगैर बांधने की जिद
पंकज चतुर्वेदी अरुणाचल प्रदेश की सियांग घाटी में 30 सितंबर (बुधवार) को जो हुआ, वह एक विधायक के घर में तोड़फोड़ भर की खबर नहीं […]
Read moreजंगलों की आग से जहरीली हो रही हवा
रोहित कौशिक औद्योगीकरण और मानवीय गतिविधियों के कारण हवा प्रदूषित होने की खबरें अक्सर प्रकाश में आती रहती हैं लेकिन जंगलों की आग भी […]
Read moreबढ़ती तपन के गलन में हो रहे इजाफे से अनियंतिरत होतीं हिमालय की नदियां
पंकज चतुर्वेदी धरती के बढ़ते तापमान का सबसे प्रत्यक्ष और चिंताजनक असर आज हिमालय के ग्लेशियरों पर दिखाई दे रहा है। दुनिया का तीसरा ध्रुव […]
Read more256 मौतें, एक सवाल: आखिर कब बचेंगे ओडिशा के गजराज?
पंकज चतुर्वेदी ओडिशा में 22 सितंबर 2026, मंगलवार को विधानसभा में जब राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने एक लिखित सवाल […]
Read moreधरती के स्वर्ग पर गहराता जलवायु परिवर्तन का साया
पंकज चतुर्वेदी धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर पर इन दिनों जलवायु परिवर्तन का साया लगातार गहराता जा रहा है। जिस घाटी की पहचान उसकी […]
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