Tag: #पर्यावरण

भारत में इस साल ठंड कैसी होगी? जलवायु परिवर्तन और संभावित सुपर एल नीनो का असर..

धीरज चतुर्वेदी भारत में सर्दी अब पहले जैसी स्थिर ऋतु नहीं रह गई है। एक ही मौसम में कहीं घना कोहरा, शीतलहर और पाला पड़ […]

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 भारत की नदियों पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव

पंकज चतुर्वेदी भारत की नदियाँ केवल जलधाराएँ नहीं हैं, बल्कि कृषि, पेयजल, बिजली उत्पादन, जैव-विविधता, परिवहन और करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार हैं। गंगा, […]

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ओजोन परत पर नया शोध, नई जानकारी लेकिन खतरा टला नहीं..

रोहित कौशिक 16 सितम्बर, विश्व ओजोन दिवस      विकास एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। यही कारण है कि विश्व के ज्यादातर देश किसी न […]

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घटिया कोयला: कम बिजली, अधिक राख

घटिया कोयला: कम बिजली, अधिक राख

पंकज चतुर्वेदी देश के ताप बिजली घरों में एक पुरानी लेकिन लगातार गहराती समस्या फिर सुर्खियों में है — बॉयलर में जितना कोयला झोंका जाता […]

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नेपाल में आई त्रासदी के बाद नेपाल सरकार अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से मुआवजा मांग रही है ।

आखिर नेपाल को क्यों न मिले जलवायु परिवर्तन मुआवजा

पंकज चतुर्वेदी नेपाल की धरती पर हाल ही में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर पूरी दुनिया को झकझोर कर रख […]

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ग्लेशियरों का पिघलना कई खतरों का संकेत

रोहित कौशिक      इस दौर में मानवीय गतिविधियों और बढ़ते तापमान के कारण ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। ग्लेशियर और बर्फ की चादरें हमारी […]

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हिमालय में विकास की नई परिभाषा: निर्माण के साथ प्रकृति का पुनर्जीवन..

अजय सहाय हिमालय में अब विकास का अर्थ केवल सड़क, पुल, सुरंग, बाँध, जलविद्युत परियोजना, होटल और शहरों का विस्तार नहीं हो सकता। बदलती जलवायु […]

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