Tag: #भारत

अरावली का पुनः नया संकट - प्रकृति और संस्कृति का विध्वंस है।

अरावली का पुनः नया संकट – प्रकृति और संस्कृति का विध्वंस है।

अरावली को बचाने वालों से आज तक कभी भी कोई रिपोर्ट तैयार करने वाला नहीं मिला। जलपुरुष राजेन्द्र सिंह जी अरावली क्षेत्र में 1980 के […]

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भारत में आर्सेनिक संकट: हिमालयी भू–रसायन, गंगा मैदानी तलछट और मानव स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा

भारत में आर्सेनिक संकट: हिमालयी भू–रसायन, गंगा मैदानी तलछट और मानव स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा

WHO, भारत सरकार और वैज्ञानिक रिकॉर्ड के आधार पर 2047 का विज़नरी विश्लेषण अजय सहाय विश्व स्तर पर वैज्ञानिकों और भारत सरकार के जल विशेषज्ञों […]

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नदी पुनर्जीवन मॉडल वैज्ञानिक आधार, डेटा रिकॉर्ड और 2047 के जल आत्मनिर्भर भारत का विज़न

नदी पुनर्जीवन मॉडल

वैज्ञानिक आधार, डेटा रिकॉर्ड और 2047 के जल आत्मनिर्भर भारत का विज़न अजय सहाय भारत की नदियाँ केवल बहता हुआ जल नहीं बल्कि देश की […]

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कड़ाके की ठंड की वापसी: ला नीना, जलवायु और बहुआयामी प्रभाव

कड़ाके की ठंड की वापसी: ला नीना, जलवायु और बहुआयामी प्रभाव

देश भर में मौसम इन दिनों तेजी से करवट ले रहा है पंकज चतुर्वेदी बीते दो साल ठंड के मौसम में पहाड़ों पर बर्फ देर […]

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ज़हर लपेटने की आदत

ज़हर लपेटने की आदत

भारत में ‘स्ट्रीट फूड’ संस्कृति पंकज चतुर्वेदी राजस्थान के  किसी अंदरूनी कस्बे में कचोड़ी लें या फिर  इंदौर-उज्जैन या मालवा के कस्बे में पोहा -जलेबी […]

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बांस में बीज आने से मिजोरम में अकाल की आहट

बांस में बीज आने से मिजोरम में अकाल की आहट

जब बांस फूलता है, तो मृत्यु और विनाश उसके पीछे-पीछे आता है। पंकज चतुर्वेदी सीमापार म्यांमार से आ गए  पचास हज़ार से अधिक शरणार्थियों के […]

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उथली नदियों में पानी का संकट बिहार

उथली नदियों में पानी का संकट – बिहार

बीते दो दशकों के दौरान बिहार में 4,425 पुल बने हैं। इन सबका मलबा नदियों में गिरा दिया गया। अवैध रेत खनन के अलावा नदियों […]

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तीरे-तीरे नदिया: हर साल बाढ़ में डूबता भारत

तीरे-तीरे नदिया: हर साल बाढ़ में डूबता भारत

प्राकृतिक असंतुलन और मानवीय हस्तक्षेप ने मिलकर भारत में बाढ़ के जोखिम को लगातार गहरा किया है। यह वार्षिक आपदा अब सामाजिक-आर्थिक क्षति का प्रमुख […]

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