संरक्षण से जलवायु कार्रवाई तक परिचय इक्कीसवीं सदी में विकास और पर्यावरण के बीच संबंध नीति-विमर्श के हाशिए से उठ कर राष्ट्रीय निर्णय प्रक्रिया के […]
Read moreTag: #जलवायुपरिवर्तन
विश्व मौसम विज्ञान संगठन की ताज़ा रिपोर्ट-2026
तपती धरती और बढ़ता संकट: क्या हम चेतेंगे ? सुनील कुमार महला लगातार अंधाधुंध दोहन और प्रकृति के प्रति लापरवाही के कारण आज हमारी धरती(नीला […]
Read moreमार्च में दिसंबर की दस्तक : बिखरता ऋतुचक्र
इस विचित्र कोहरे के पीछे के वैज्ञानिक कारणों को समझना अनिवार्य पंकज चतुर्वेदी भारतीय कैलेंडर में मार्च का महीना उस संधि काल का प्रतीक है […]
Read moreधराली त्रासदी का नया सच: ग्लेशियर से टूटा हिमखंड बना विनाशकारी सैलाब
भू-वैज्ञानिकों के अनुसार हिमालय दुनिया की सबसे युवा पर्वतमालाओं में से एक अजय सहाय 5 अगस्त 2025 को धराली (हर्षिल घाटी) में आई अचानक और […]
Read moreघटते तालाब, बढ़ता जल संकट: गाँव की जल-जीवन रेखा
तालाबों का भू-वैज्ञानिक, पर्यावरणीय, सामाजिक और कानूनी महत्व अजय सहाय भारत की पारंपरिक जल-संस्कृति में तालाब (पोंड/टैंक) हजारों वर्षों से ग्रामीण जल प्रबंधन का आधार […]
Read moreपंचायती राज संस्थान जल सुरक्षा को तेजी से सुनिश्चित कर सकते हैं
जल प्रबंधन के स्थायी समाधानों की योजना बनाने और उन्हें सबसे उपयुक्त तरीके से ज़मीन पर लागू करने में स्थानीय सरकारें सबसे कारगर हो सकती […]
Read moreनदियों की कहानी, समुदायों की ज़ुबानी : पूर्वोत्तर जनस्मृति का डिजिटल अभिलेख
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच, नदी किनारे बसे समुदाय मेमोरी मैप्स, ऑडियो नोट्स और तस्वीरों के माध्यम से मौखिक इतिहास और पारंपरिक अनुकूलन रणनीतियों […]
Read moreखेतों की मेढ़ पर खड़ा ‘ग्लोबल वार्मिंग’ का सच
साल 2026 की यह फरवरी डराने वाली है, सूरज की तपिश ने समय से पहले ही मार्च के अंत वाले रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पंकज […]
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