गंगा को जीवित माँ का संवैधानिक दर्ज़ा क्यों आवश्यक अजय सहाय गंगा नदी को भारत की आत्मा और संस्कृति की धुरी कहा जाता है, जिसे […]
Read moreMonth: August 2025
युवा और नाजुक हिमालय पर पर्यटन का दबाव
भूगर्भीय सहनशीलता, भार वहन क्षमता और वैज्ञानिक चेतावनी अजय सहाय हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्य हाल ही में बने युवा हिमालय (Newly Himalayan Range) […]
Read moreजब जीवनदायी पेड़ हो जाते हैं जानलेवा
शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण भी पेड़ों के लिए बड़ा खतरा है पंकज चतुर्वेदी जश्ने आज़ादी की पूर्व संध्या पर जब तगड़ी बरसात हो रही […]
Read moreचीन का वेस्टर्न वॉटर डाइवर्ज़न मॉडल और भारत का थार
मरुस्थलीकरण से जल–आत्मनिर्भरता तक की दूरदर्शी दिशा अजय सहाय भारत एक विशाल भूगोल वाला देश है जिसकी नदियाँ, जलवायु और पारिस्थितिकी अत्यंत विविधतापूर्ण हैं; पूर्वोत्तर […]
Read moreबाढ़ – प्राकृतिक आपदा या मानवजनित त्रासदी ?
बरसात, जो कभी वरदान कहलाती थी सुनील कुमार इस साल देशभर में बारिश बहुत ज्यादा कहर मचा रही है। जगह-जगह तबाही का आलम है।बरसात, जो […]
Read moreग्रामीण कचरा प्रबंधन के मिथक
कचरा प्रबंधन से जुड़ी रणनीतियां आरती सचदेवा भारत की 64% आबादी गांवों में रहती है। फिर भी सरकारों और नीति-निर्माताओं द्वारा कचरे की समस्या को […]
Read moreगणपति का स्वागत करें प्रकृति सहेज कर !
गणपति बप्पा मौर्या, मंगल मूर्ति मौर्या पंकज चतुर्वेदी कुछ ही दिनों में बारिश के बादल अपने घरों को लौटने वाले हैं । सुबह सूरज कुछ […]
Read moreक्लाउडबर्स्ट घटनाएँ और चरम वर्षा पैटर्न
जलवायु परिवर्तन के वैज्ञानिक कारण, आँकड़े और समाधान अजय सहाय क्लाउडबर्स्ट या बादल फटना एक ऐसी विनाशकारी घटना है जिसमें सीमित क्षेत्र (आमतौर पर 20–30 […]
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