साफ है कि सरकार कथित विकास के नाम पर पर्यावरण पर बुलडोजर चलाते रहना चाहती है पंकज चतुर्वेदी बुदेलखंड में छतरपुर शहर के सबसे बड़े […]
Read moreAuthor: indiaclimatechange
गंगा जल गुणवत्ता का वैज्ञानिक विश्लेषण
सरकारी मानकों के अनुसार फीकल कोलिफॉर्म, BOD और वास्तविक स्वच्छता की सच्चाई अजय सहाय गंगा नदी की स्वच्छता को समझने के लिए हमें भावनाओं से […]
Read moreहाथी क्यों हो रहा है हिंसक
पिछले एक महीने में छत्तीसगढ़ के कोरबा, बलरामपुर, जशपुर आदि में जंगली हाथियों के गाँव-बस्ती पर हमले की 50 से अधिक घटनाएं हुई पंकज चतुर्वेदी […]
Read moreबुद्धा नाला: पंजाब से राजस्थान तक बहता जल संकट
कभी ताज़ा पानी देने वाला लुधियाना का बुद्धा नाला अब प्रदूषित जल और उद्योगों के कचरे से भर चुका है। यह दूषित जल पंजाब से […]
Read moreभविष्य के जलवायु समझौतों के लिए मार्गदर्शक दस्तावेज: क्योटो प्रोटोकॉल
16 फरवरी 2005 को क्योटो प्रोटोकॉल आधिकारिक रूप से लागू हुआ था सुनील कुमार महला पर्यावरणीय दृष्टि से 16 फरवरी का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना […]
Read moreजलवायु परिवर्तन के युग में सहनशील भारत
वैज्ञानिक आधार और पर्यावरणीय समाधान अजय सहाय जलवायु सहनशीलता (Climate Resilience) वह वैज्ञानिक, पारिस्थितिक और सामाजिक क्षमता है जिसके माध्यम से कोई समाज, पारिस्थितिकी तंत्र […]
Read moreदूषित पेयजल और भोजन ने टायफाइड को बनाया महामारी
भारत में टायफाइड (Typhoid) एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है पंकज चतुर्वेदी पहले तो अत्यधिक थकान और सुस्ती महसूस हो रही थी, फिर बुखार […]
Read moreआखिर क्यों चर्चा में है ‘खेजड़ी बचाओ जन-आंदोलन।’
सोलर पावर प्रोजेक्ट्स स्थापित करने के लिए कंपनियां बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ों की कटाई कर रही सुनील कुमार महला इन दिनों राजस्थान में […]
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