पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र का टूटता संतुलन और मानव सभ्यता पर बढ़ता अस्तित्व संकट अजय सहाय जलवायु परिवर्तन, अंधाधुंध वनों की कटाई, वायु प्रदूषण, जल […]
Read moreAuthor: indiaclimatechange
अरावली मां के स्तन काटकर बेचने वाले अपराधी हैं
मां तो हमारा पोषण करती है, हमें जीवन विद्या देकर जीने योग्य बनाती है। लालची बनकर माई से कमाई करने वालों को छोड़कर, अरावली बचाने […]
Read moreअरावली पर्वतमाला: अन्तरात्मा है, इन्हें मीटरों में मत नापो
अरावली पर्वतमाला, जो विश्व की सबसे प्राचीन पर्वत शृंखलाओं में से एक है, पश्चिमी भारत में एक मौन पारिस्थितिक प्रहरी के रूप में सदियों से […]
Read moreपुरखों की समझ, आज की भूल
बाढ़ मैदान, ढलान और हिमालयी आपदाएँ अजय सहाय हिमालय केवल पर्वतों की श्रृंखला नहीं है, बल्कि यह भारत की जल-सुरक्षा, जलवायु संतुलन, नदियों के उद्गम, […]
Read moreवेटलैंड: जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध धरती की अंतिम प्राकृतिक ढाल
यदि धरती को जलवायु परिवर्तन से बचाना है, तो वेटलैंड बचाना अनिवार्य है अजय सहाय वेटलैंड—जिन्हें धरती के “किडनी”, “कार्बन-सिंक” और “प्राकृतिक जल-टैंक” के रूप […]
Read moreदिखता नहीं, पर घातक है: जीवन के हर कण में समाता माइक्रो प्लास्टिक
प्लास्टिक प्रकृति, जीवन और भविष्य-तीनों का दुश्मन सुनील कुमार महला प्लास्टिक पर्यावरण का मौन ज़हर है। यह हवा, पानी और मिट्टी को प्रदूषित करता है, […]
Read moreअसमय बारिश होने से फसलों में नए रोग लगने की आशंका बढ़ी
जलवायु परिवर्तन ने सब्जी व अनाज के रोग बदले जलवायु परिवर्तन ने इंसानों के साथ सूक्ष्म जीवों और कीटों की दुनिया में भी उथलपुथल मचा […]
Read moreहमें जन्म देने वाली स्त्री और नदियों को जन्म देने वाली अरावली—पर्वतमाला हमारी माँ है।
खनन अरावली की प्रकृति और संस्कृति—दोनों के विरुद्ध है। जलपुरुष राजेंद्र सिंह अरावली के गर्भ से सैकड़ों नदियों का जन्म हुआ है, जो खनन एवं […]
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