भारत की राजधानी दिल्ली से गुजरात तक 692 किलोमीटर लंबी आड़ी पर्वतमाला अरावली जलपुरुष राजेंद्र सिंह भारत के एक उद्योगपति हेतु सब कुछ संभव हो […]
Read moreAuthor: indiaclimatechange
पर्यावरण सखियां: जिनके जिम्मे है कचरा प्रबंधन से लेकर पर्यावरण की रखवाली तक
सहस्त्रधारा, उत्तराखंड में सक्रिय पर्यावरण सखियों का काम सिर्फ कचरा इकट्ठा करने और छांटने तक सीमित नहीं है बल्कि यह उनकी अपनी धरती-हवा-पानी को सुरक्षित […]
Read moreअरावली विरासत जन अभियान
चार राज्यों के प्रतिनिधियों ने खनन रोकने और पर्यावरण संरक्षण पर उठाई आवाज़ निखिल जल बिरादरी राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर “न्याय निर्माण मेला” में अरावली […]
Read moreबढ़ते प्रदूषण से जूझते बड़े शहर
1990 से आज तक का परिवर्तन और Vision-2047 का पर्यावरणीय भविष्य अजय सहाय 1990 के दशक में भारत और दुनिया के बड़े शहरों में प्रदूषण […]
Read moreक्या सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की बर्बादी की इबारत लिख दी ?
जब अवैध खनन रुक ही नहीं रहा तो स्थानीय जमीन से 100 मीटर या उससे अधिक ऊंची पहाड़ियों को ही ‘अरावली’ माना जाए । […]
Read moreभारत की प्राचीनतम विरासत अरावली को बचाएं
अब अरावली विरासत को बचाने के लिए कौन जिम्मेदार है? जलपुरुष राजेंद्र सिंह भारत की प्राचीनतम विरासत अरावली पर्वतमाला है। यह दुनिया की दूसरी प्राचीनतम […]
Read moreभारत का नया भूकंप जोखिम मानचित्र
मध्य हिमालय की अत्यधिक संवेदनशीलता और जलवायु परिवर्तन के युग में बढ़ता खतरा — एक दृष्टिनिष्ठ वैज्ञानिक विश्लेषण (2047 परिप्रेक्ष्य) अजय सहाय भारत के नवीनतम […]
Read moreअरावली का पुनः नया संकट – प्रकृति और संस्कृति का विध्वंस है।
अरावली को बचाने वालों से आज तक कभी भी कोई रिपोर्ट तैयार करने वाला नहीं मिला। जलपुरुष राजेन्द्र सिंह जी अरावली क्षेत्र में 1980 के […]
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