गंगा की निर्मलता को नारों नहीं संकल्प की जरूरत पंकज चतुर्वेदी आस्था के केंद्र बनारस में गंगा और उससे मिलने वाली सहायक धाराओं – वरुणा […]
Read moreAuthor: indiaclimatechange
आखिर कौन नही चाहता है नदी-तालाब जोड़
पंकज चतुर्वेदी बुंदेलखंड के टीकमगढ़ जिले में कोई 12 साल पहले सदा नीरा नदी से तालाबों को जोड़ने की बहुत काम लागत की योजना शुरू हुई थी । […]
Read moreखतरे में धरती….
डॉ. सुधीर सक्सेना पृथ्वी अगर चिट्ठी लिख सकती ते उसने अपने आँसुओं की स्याही से सौरमंडल के सहोदर ग्रहों के नाम एक चिट्ठी जरूर लिखी […]
Read moreरासायनिक खादों के स्थान पर हो प्राकृतिक खेती पर जोर!
सुनील कुमार महला हाल ही में ब्राजील, रियो-दि-जानेरो में जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि संघर्षों के कारण उत्पन्न हुए […]
Read moreविकास के विस्तारवादी होने से जहर हो रही है हवा
पंकज चतुर्वेदी बीते एक दशक से यह साल अब यही होता है कि सुप्रीम कोर्ट आतिशबाजी को ले आकर चेतावनी देता है , आदेश देता […]
Read moreहिमालय पर तापमान बढ़ने के खतरे
प्रमोद भार्गव संपूर्ण हिमालय के पहाड़ एवं भूभाग 21वीं ‘ शताब्दी के सबसे बड़े बदलाव के खतरनाक दौर से गुजर रहे हैं । इसी स्थाई […]
Read moreसंदर्भ- अंटार्कटिका में कम होती बर्फ
अंटार्कटिका में घट रही है बर्फ प्रमोद भार्गव जलवायु परिवर्तन के संकेत अब अंधी आंखों से भी दिखने लगे है। नए शोध बताते हैं कि […]
Read moreबौद्धिक संपदा के क्षेत्र में भारत की छलांग
प्रमोद भार्गव पिछले पांच सालों के भीतर प्रस्तुत किए जाने वाले पेटेंट और औद्योगिक डिजाइनिंग फाइलिंग में भारत छलांग मारकर दुनिया के शीर्ष छह देशों […]
Read moreसंदर्भ- बाकू में चल रहा 29 सम्मेलन
जीवाश्म ईंधन पर के मुद्दे पर छाई निराशा प्रमोद भार्गव आज कल कश्यप सागर के पष्चिमी तट पर स्थित अजरबैजान की राजधानी बाकू में जीवाश्म […]
Read moreसंदर्भः- बांधवगढ़ उद्यान में 10 हाथियों की मौत
पौष्टिक फसल खाने से मरे हाथी प्रमोद भार्गव मध्य-प्रदेश और छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय उद्यानों से हाथियों की असामयिक मौत की खबरें आना कोई नई बात […]
Read moreसमाज की सहभागिता के बगैर सफल नहीं होगी हर घर जल योजना
पंकज चतुर्वेदी प्यास और पलायन के लिए कुख्यात बुंदेलखंड के गाँव-गाँव में बीते दो महीनों से आम लोगों का एक बाल्टी पानी के लिए भुनसारे […]
Read moreमौसम की मार से पलायन के बढ़ते खतरे
पंकज चतुर्वेदी ‘आजादी के बाद भारत की सबसे बड़ी त्रासदी किसको कहा जा सकता है ?’ यदि इस सवाल का जवाब ईमानदारी से खोजा जाए […]
Read moreअदालती तारीखों में बूढ़ा होता किशोर सागर
(धीरज चतुर्वेदी छतरपुर बुंदेलखंड) जब सारे देश में आजादी के 75 साल होने पर 68 हजार अमृत सरोवर बनाने का अभियान चल रहा था, तब […]
Read moreआखिर क्यों नहीं रहा हाथी मेरा साथी ?
पंकज चतुर्वेदी दीपवाली के ठीक एक दिन पहले मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ में एक साथ दस हाथियों के मारे जाने से दुनिया सन्न है । […]
Read more