2008 में जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) के शुभारंभ के बाद, राज्य सरकारों को एनएपीसीसी की रणनीतियों के अनुरूप जलवायु परिवर्तन पर अपनी […]
Read moreAuthor: indiaclimatechange
भोजन की बर्बादी से बर्बाद होते भूमि, जल, श्रम, ऊर्जा और अन्य इनपुट !
सुनील कुमार महला भारतीय सनातन संस्कृति में कहा गया है कि अन्न ही ‘ब्रह्म ‘ है, क्यों कि अन्न से ही समस्त प्राणी उत्पन्न होते […]
Read moreमानव का जंगल-जीवन, प्रकृति में हस्तक्षेप।
सुनील कुमार महला हाल ही में राजस्थान की शिक्षा नगरी कहलाने वाले सीकर जिले के आबादी इलाके में घुसे एक तेंदुए ने पांच घंटों तक […]
Read moreजलवायु परिवर्तन की मार से बेहाल सागर
पंकज चतुर्वेदी भारत सरकार के पृथ्वी-विज्ञान मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्र बहुत अधिक प्रभावित हो रहे हैं। समझना होगा कि […]
Read moreपर्यावरण और पारिस्थितिकी के अनुकूल ईंधन: हाइड्रोजन ईंधन
सुनील कुमार महला हाइड्रोजन एक दीर्घकालिक, पर्यावरण और पारिस्थितिकी के अनुकूल महत्वपूर्ण ईंधन स्त्रोत है जो स्थिर और परिवहन ऊर्जा दोनों क्षेत्रों में ही विकास […]
Read moreइलैक्ट्रिक वाहनों के ई-कचरा निपटान की चुनौती।
सुनील कुमार महला पर्यावरण प्रदूषण आज के समय में एक बहुत ही गंभीर और बड़ी समस्या है। इस समस्या से निजात पाने के लिए या […]
Read moreनासूर बनता प्रदूषण का बढ़ता स्तर
– योगेश कुमार गोयल कल-कारखानों एवं फैक्टरियों से निर्बाध रूप से निकलने वाले कार्बन उत्सर्जन वायु प्रदूषण के स्तर को दिनों-दिन बढ़ा रहे हैं, जिसके […]
Read moreवर्ष 2050 तक विश्व की तीन चौथाई आबादी होगी सूखा प्रभावित ।
सुनील कुमार महला हाल ही में यूएनसीसीडी यानी कि यूनाइटेड नेशन कन्वेंशन टू कंबैट डेजर्टिफिकेशन और यूरोपियन कमीशन ज्वाइंट रिसर्च सेंटर द्वारा वर्ल्ड डेजर्ट एटलस […]
Read moreपाताल में जाते भूजल से पंजाब के रेगिस्तान होने का खतरा
पंकज चतुर्वेदी खेती किसानी के कारण देश के सबसे खुशहाल राज्यों में से एक पंजाब पर रेगिस्तान होने का खतरा बढ़त जा रहा है । […]
Read moreबन्नेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान में बढ़ेगा गिद्धों का कुनबा
हरियाणा के पिंजौर गिद्ध संरक्षण प्रजनन केंद्र से आएंगे 20 गिद्ध बेंगलूरु. बन्नेरघट्टा राष्ट्रीय उद्यान (बीएनपी) में बहुप्रतीक्षित गिद्ध प्रजनन केंद्र का सपना हकीकत में […]
Read moreखेती को खतरा बनता बदलता मौसम
पंकज चतुर्वेदी अक्तूबर और नवंबर के बाद दिसंबर का दूसरा हफ्ता भी बिना बारिश के ही बीत रहा है। खेती, जंगलों और वन्यजीवों पर भी […]
Read moreजलवायु परिवर्तन का दुष्परिणाम है बढ़ता चक्रवात का दायरा
पंकज चतुर्वेदी 25 नवंबर से पुडुचेरी- तमिलनाडु में अरबी भाषा में कॉफी का कप अर्थात फेंगल की ऐसे मार पड़ी कि स्कूल – कालेज – […]
Read moreजलवायु परिवर्तन के वित्तीय खर्चों को विकसित देश वहन करें
पंकज चतुर्वेदी दिल्ली में जब हवा जहरीली हुई तो ग्रेप-4 के कानूनों के मुताबिक यहाँ निर्माण कार्य बंद कर दिए गए । इस कदम से […]
Read more(विश्व मृदा दिवस 5 दिसंबर पर विशेष)
मृदा स्वास्थ्य की देखभाल और प्रबंधन डॉ. मौहम्मद अवैस मृदा या मिटटी पर्यावरण का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है। मानव जीवन के लिए इसका विशेष महत्त्व […]
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