Author: indiaclimatechange

अरावली के उजड़ने से गहरा रही है जलवायु परिवर्तन की मारः पंकज चतुर्वेदी

अध्ययन के परिणामों से पता चला है कि 1975 से 2019 के बीच अरावली की 3676 वर्ग किमी भूमि बंजर हो गई ।  इस अवधी  में अरावली  के वन क्षेत्र में 5772। 7 वर्ग किमी (7। 63 प्रतिशत) की कमी आई है ।  यदि यही हाल रहे तो 2059 तक कुल 16360। 8 वर्ग किमी (21। 64 प्रतिशत) वन भूमि पर कंक्रीट के जंग उगे दिखेंगे ।

Read more

भूमि कटाव से संकट में असम का अस्तित्व : पंकज चतुर्वेदी

जलवायु परिवर्तन के कारण असम में भू कटाव तेज हो गया है, अभी वहाँ बरसात के पंद्रह दिन हुए है और बाढ़ से कहीं अधिक, अपने घर-गाँव नदी में समा जाने के कारण विस्थापन हुआ है । खतरा इतना गंभीर है कि राज्य के बड़े हिस्से के अस्तित्व पर खतरा है ।

Read more

तपते द्वीप में बदलते शहरः पंकज चतुर्वेदी

अप्रेल महिना शुरू होते ही एक तरफ मौसम विभाग ने चेताया कि  गर्मी और लू का असर  झेलने को जल्द तैयार हो जाएँ तो केन्द्रीय स्वास्थ्य विभाग ने भी राज्यों को बताया दिया है कि बढ़ती गर्मी पर निगाह रखें  और लोगों को इससे सतर्क रहने के लिए जागरूक करें।

Read more
Source - Google

पानी बचाना है तो कुएं बचाने होंगेः पंकज चतुर्वेदी

प्राचीन जल संरक्षण व स्थापत्य के बेमिसाल नमूने रहे कुओं को ढकने, उनमें मिट्टी डाल पर बंद
करने और उन पर दुकान-मकान बना लेने की रीत सन् 90 के बाद तब शुरू  हुई जब लोगों को लगने लगा कि पानी, वह भी घर में मुहैया करवाने की जिम्मेदारी सरकार की है और फिर आबादी के बोझ ने जमीन की कीमत को प्यास से अधिक महंगा बना दिया।

Read more
स्त्रोत - गूगल

सावधान! कहर ढहाने वाली है लू

मार्च-24 में संयुक्त राष्ट्र के खाध्य और कृषि संगठन (एफ ए ओ ) ने भारत में एक लाख लोगों के बीच सर्वे कर एक रिपोर्ट में बताया है कि गर्मी/लू के कारण गरीब परिवारों को अमीरों की तुलना में पाँच फीसदी अधिक आर्थिक नुकसान होगा। चूंकि आर्थिक रूप से सम्पन्न लोग बढ़ते तापमान के अनुरूप अपने कार्य को ढाल लेते हैं , जबकि गरीब ऐसा नहीं कर पाते ।

Read more
स्त्रोत - गूगल

जल सहेजने की आदत डालनी होगी

भारतीय नदियों के मार्ग से हर साल 1645 घन किलोलीटर पानी बहता है जो सारी दुनिया की कुल नदियों का 4.445 प्रतिषत है।  देश  के उत्तरी हिस्से में नदियो में पानी  का अस्सी फीसदी जून से सितंबर के बीच रहता है, दक्षिणी राज्यों में  यह आंकडा 90 प्रतिषत का है।

Read more
स्त्रोत - गूगल

खतरे में हैं बुरहानपुर के जल-भंडारे

आज भी यहां के पानी के पीएच कीमत 7.2 से 7.5 है जोकि एक उच्च स्तर के मिनरल वाटर का मानक है। लेकिन खुले कुडों के पास चूने के कारखाने  लगने से प्रणाली के पानी की पवित्रता भी प्रभावित हुई है। कुंडों के आसपास लोगों का रहना बढ़ता गया है।

Read more
स्त्रोत - गूगल

बर्बादी न रोकी तो बेपानी हो जाएगा देश

पानीजन्य रोगों से विश्व में हर वर्ष 22 लाख लोगों की मौत हो जाती है। पूरी पृथ्वी पर एक अरब 40 घन किलोलीटर पानी है। इसमें से 97.5 प्रतिशत पानी समुद्र में है जोकि खारा है, शेष 1.5 प्रतिशत पानी बर्फ के रूप में ध्रुवीय क्षेत्रों में है। बचा एक प्रतिशत पानी नदी, सरोवर, कुआं, झरना और झीलों में है जो पीने के लायक है।

Read more