Category: वृक्ष

वन प्रबंधन के लिए समुदाय व शासन में बेहतर समन्वय की जरूरत

वन प्रबंधन के लिए समुदाय व शासन में बेहतर समन्वय की जरूरत

झारखंड में सामुदायिक वन अधिकार के तहत ग्रामसभाएं जंगल के संरक्षण और प्रबंधन की जिम्मेदारी निभा रही हैं। इससे जंगल बचाने के साथ ग्रामीणों की […]

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आखिर क्यों चर्चा में है 'खेजड़ी बचाओ जन-आंदोलन।'

आखिर क्यों चर्चा में है ‘खेजड़ी बचाओ जन-आंदोलन।’

सोलर पावर प्रोजेक्ट्स स्थापित करने के लिए कंपनियां बड़े पैमाने पर खेजड़ी के पेड़ों की कटाई कर रही सुनील कुमार महला इन दिनों राजस्थान में […]

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मरुधरा का महासंकट: उजड़ते ओरण और अस्तित्व की लड़ाई

मरुधरा का महासंकट: उजड़ते ओरण और अस्तित्व की लड़ाई

‘खेजड़ी और ओरण बचाओ आंदोलन’ महज़ चंद पेड़ों को बचाने की कवायद नहीं है पंकज चतुर्वेदी राजस्थान के पश्चिमी अंचल में इन दिनों एक ऐसी […]

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भारत की प्राचीनतम विरासत अरावली को बचाएं

भारत की प्राचीनतम विरासत अरावली को बचाएं

अब अरावली विरासत को बचाने के लिए कौन जिम्मेदार है? जलपुरुष राजेंद्र सिंह भारत की प्राचीनतम विरासत अरावली पर्वतमाला है। यह दुनिया की दूसरी प्राचीनतम […]

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वृक्षम्मा ने दुनिया को विदा कहा

वृक्षम्मा ने दुनिया को विदा कहा

थिमक्का ने बिना औपचारिक शिक्षा प्राप्त किए अपने वृक्षारोपण के मिशन की शुरुआत की। अंकित पद्मश्री सम्मानित पर्यावरण कार्यकर्ता ‘सालूमरदा’ थिमक्का का शुक्रवार 14 नवंबर […]

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सरकारी आंकड़े जंगलों के क्षेत्रफल के साथ गुणवत्ता की भी बात क्यों नहीं करते?

सरकारी आंकड़े जंगलों के क्षेत्रफल के साथ गुणवत्ता की भी बात क्यों नहीं करते?

जंगल से जुड़े सरकारी आंकड़ों का विश्लेषण करती पर्यावरण जानकार, देबादित्यो सिन्हा और हृदयेश जोशी की एक बातचीत । हृदयेश जोशी सरकार द्वारा जारी नए […]

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मिशन ग्रीन भारत 2047 10 अरब वृक्षों से 10 डिग्री ठंडा भविष्य

मिशन ग्रीन भारत 2047

10 अरब वृक्षों से 10 डिग्री ठंडा भविष्य अजय सहाय भारत के सामने आज सबसे बड़ी जलवायु चुनौती “ग्लोबल वार्मिंग” है, जिसने तापमान वृद्धि, वर्षा […]

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वैज्ञानिक दृष्टि से नीम, पीपल, बरगद और जामुन का महत्व ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और आर्सेनिक संकट से जूझते भारत का हरित समाधान

वैज्ञानिक दृष्टि से नीम, पीपल, बरगद और जामुन का महत्व

ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और आर्सेनिक संकट से जूझते भारत का हरित समाधान अजय सहाय नीम, पीपल, बरगद और जामुन जैसे परंपरागत वृक्ष वर्तमान वैश्विक […]

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उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में वनों की कटाई हर साल लगभग 28,000 से 28,330 अतिरिक्त मौतें !

उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में वनों की कटाई

हर साल लगभग 28,000 से 28,330 अतिरिक्त मौतें ! सुनील कुमार महला वन जीवन का मुख्य आधार व प्रकृति का खज़ाना हैं।जंगल केवल कार्बन स्टोर […]

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जब जीवनदायी पेड़ हो जाते हैं जानलेवा

जब जीवनदायी पेड़ हो जाते हैं जानलेवा

शहरों में बढ़ता वायु प्रदूषण भी पेड़ों के लिए  बड़ा खतरा है पंकज चतुर्वेदी जश्ने आज़ादी की पूर्व संध्या पर जब तगड़ी बरसात हो रही […]

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जंगलों के खत्म हो जाने के चलते कोपौ ऑर्किड अब संरक्षण का प्रयास कर रहे लोगों द्वारा बनाए गए इकोसिस्टम में उगाए जा रहे हैं। | चित्र साभार: नम्रता गोहैन

एक फूल बचाने के लिए जंगल उगाने की कोशिश

फॉक्सटेल ऑर्किड मिथु गोगोई मैं एक किसान और पर्यावरण संरक्षक हूं और असम के जोरहाट जिले के एक छोटे से कस्बे तीताबोर में रहता हूं। […]

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जलवायु परिवर्तन ने बदल दिया ऋतुओं का मिजाज

जलवायु परिवर्तन ने बदल दिया ऋतुओं का मिजाज

सर्दी, गर्मी और बारिश के समय में बदलाव से प्रकृति और इंसानों के जीवन पर असर पृथ्वी पर जीवन का एक बड़ा हिस्सा ऋतुओं पर […]

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पर्यावरण संरक्षण, लैंगिक समानता और हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रख रहा राजसमंद का अनूठा गांव पिपलांत्री !

पर्यावरण संरक्षण, लैंगिक समानता और हमारी सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रख रहा राजसमंद का अनूठा गांव पिपलांत्री !

सुनील कुमार महला पेड़ हमारे पर्यावरण, हमारे पारिस्थितिकी तंत्र,मानव व धरती के समस्त प्राणियों, वनस्पतियों को बनाए रखने के लिए बहुत आवश्यक है। कहना ग़लत […]

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राज्य पक्षी गोडावण संकट में

राज्य पक्षी गोडावण संकट में

अब कृत्रिम निषेचन पर निर्भर अतिक्रमण और खनन से उजड़ा गोडावण का जैविक-प्राकृतिक क्षेत्र अजमेर अतिक्रमण और खनन के कारण सोकलिया-अरवड़ क्षेत्र उजड़ रहा है। […]

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