Category: Environment (पर्यावरण )

हरी घास, खुले मैदान: क्यों अहम हैं चरागाह

© UNDP मध्य एशिया का अराल सागर अब लगभग सूख चुका है.  जलवायु और पर्यावरण उत्तरी केनया में एक पशुपालक बारिश के इन्तज़ार में आसमान पर […]

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आईआईटी खड़गपुर के शोधकर्ताओं ने अठारह सौ इक्यासी से लेकर वर्ष दो हजार पच्चीस तक के छत्तीस हजार से अधिक भूकंपीय आंकड़ों का वैज्ञानिक और सांख्यिकीय विश्लेषण करके एक विस्तृत अध्ययन प्रस्तुत किया है। इस अध्ययन से यह बात सामने आई है कि अंडमान के नीचे सक्रिय टेक्टोनिक प्लेटों की सीमाओं के बीच लगातार जबरदस्त घर्षण और दबाव बढ़ रहा है। शोध के अनुसार, इस क्षेत्र में भविष्य में आठ या उससे अधिक तीव्रता के विनाशकारी भूकंप आने की आशंका बहुत अधिक है। ऐसे स्थान पर भारी निर्माण कार्य बड़ी तबाही ला सकते हैं , वैसे भी अंडमान निकोबार जलवायु परिवर्तन को ले लार बेहद संवेदनशील है – यह लेख इसी विषय  

पर है   साथ में रिसर्च पेपर भी है  भूकंप से काँपते अंडमान में निर्माण कार्य तबाही लाएंगे पंकज चतुर्वेदी भारत का बंगाल की खाड़ी और […]

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जलविहीन होते जलाशय,आखिर क्यों…………………………..?

अखण्ड प्रताप सिंह देश की राजनीति, खेल, जनसंख्या में अपना अहम स्थान रखनें वाला उत्तर प्रदेश तेजी से जलविहीन हो रहा है जिसका मूल कारण […]

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कृषि जलवायु परिवर्तन के अनुकूल ढल रही है

VTV.vn – जलवायु की बिगड़ती परिस्थितियों के कारण कई क्षेत्रों के किसानों को फसलें बदलने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, वे ऐसी किस्मों […]

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युद्ध, जलवायु संकट और खेती का भविष्य

पवन नागर वर्तमान समय में दुनिया एक ऐसे दौर से गुजर रही है जहाँ एक ओर विज्ञान और तकनीक नई ऊँचाइयों को छू रहे हैं, […]

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सुरक्षित बिजली के रूप में  सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते समय हम भूल जा रहे हैं कि आने वाले सालों में इसके संयत्रों से निकलने वाला कचरा सर दर्द बनेगा । अभी तक इसके कचरे के निबटारे के कोई भी वैश्विक उपाय नहीं खोजे जा सके । यह लेख इसी मसले पर हैं 

स्वच्छ ऊर्जा की खोज में कहीं भारी न पड़ जाए यह कचरा पंकज चतुर्वेदी सौर  ऊर्जा को लंबे समय से जीवाश्म ईंधन के विकल्प के […]

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पीलीभीत से चल कर पूर्वाञ्चल में गंगा में मिलने वाली गोमती नदी पर संकट का अर्थ है मध्य भारत के बड़े हिस्से में जल-जनजीवन- खेती- पर भयावह असर । गोमती की दिक्कत है कि उसकी अधिकांश सहायक नदियां सूख गई, जबकि गोमती की विशालता उसकी सखी-सहेलियों पर ही निर्भर है । यह लेख इसी मसले पर है ।

सहायक नदियों के सूखने से गोमती सूखता आंचल पंकज चतुर्वेदी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को अपने आंचल में समेटे बहने वाली गोमती […]

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धरती तप रही है : बढ़ती गर्मी और मानव जीवन पर मंडराता खतरा।

सुनील कुमार महला  आज धरती का तापमान लगातार बढ़ता ही चला जा रहा है। वास्तव में, कहना ग़लत नहीं होगा कि वैश्विक तापमान में लगातार […]

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