स्वास्थ्य सूचकांकों में अव्वल केरल में शिगेला के बहाने सामने आई जल प्रबंधन की लाचारी पंकज चतुर्वेदी केरल में गंदे पानी से फैलने वाले शिगेला […]
Read moreCategory: Environment (पर्यावरण )
मिठास के पीछे का कड़वा सच: मराठवाड़ा के गन्ना मज़दूरों की कहानी
मराठवाड़ा एक सूखा-प्रभावित इलाका है जहां खेती भरोसेमंद नहीं है। सन 1950 के आस-पास अहमदनगर में पहली शुगर फैक्ट्री बनी थी और वहीं से एक […]
Read moreबंजर होता बुंदेलखंड
रवीन्द्र व्यास “भूमि को पुनर्स्थापित करो, अवसरों को खोलो” के थीम के साथ मनाए जा रहे विश्व मरुस्थलीकरण और सूखा रोकथाम दिवस ने बुंदेलखंड […]
Read moreमहिलाओं के सिर पर मटका, उद्योगों के हाथ में पानी अन्याय की नई रेखा
भारत में भूजल की स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है और इस संकट की ओर कई दशकों से अनदेखी हो रही है। नेशनल ग्रीन […]
Read moreयह कहना अतिषियोक्ति नहीं होगा कि गोवा का अस्तित्व मैनग्रोव वनों के कारण है , जिसने वहाँ शहरी इलाके में खारे पानी को रोका हुआ है – साथ ही भूमि कटाव, जल- जीवन का आधार भी मैनग्रोव ही है । पिछले कुछ सालों में कथित विकास के नाम अपर वहाँ मैनग्रोव को उजाड़ा जा रहा है और यह गोवा के अस्तित्व पर खतरे कि चेतावनी है । यह लेख इसी विषय पर है ।
उजड़ते मैनग्रोव वन से गोवा में तबाही का खतरा पंकज चतुर्वेदी गोवा अपनी अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता, नदियों के सघन जाल और समृद्ध जैव-विविधता के लिए विश्व […]
Read moreप्रशांत की तपिश और मानसून की परीक्षा: सुपर अल-नीनो की चुनौती
पंकज चतुर्वेदी सुपर अल-नीनो जैसी गंभीर जलवायु घटना का खतरा हमारे देश के सर पर खड़ा है । प्राकृतिक आपदा से जूझने के लिए देश […]
Read moreधरती का स्पर्श,स्वस्थ जीवन का आधार:मिट्टी, चुंबकत्व और शरीर की ऊर्जा।
मिट्टी मानव जीवन का मूल आधार है। कहना ग़लत नहीं होगा कि हमारे भोजन, जल, वनस्पति तथा समस्त जीव-जगत का अस्तित्व मिट्टी पर ही निर्भर […]
Read moreअरावली की महानता ऊंचाई से नही-भौगोलिक, संस्कृति और आध्यात्मिकता से आंकी जाए
अरावली का महत्व उसमें पाए जाने वाले खनिज पदार्थ से भी बढ़ जाता है। पदम चंद गांधी अरावली पर्वतमाला दुनिया के प्राचीनतम वलित (फोल्डेड) पर्वत […]
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