मध्य हिमालय की अत्यधिक संवेदनशीलता और जलवायु परिवर्तन के युग में बढ़ता खतरा — एक दृष्टिनिष्ठ वैज्ञानिक विश्लेषण (2047 परिप्रेक्ष्य) अजय सहाय भारत के नवीनतम […]
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अरावली का पुनः नया संकट – प्रकृति और संस्कृति का विध्वंस है।
अरावली को बचाने वालों से आज तक कभी भी कोई रिपोर्ट तैयार करने वाला नहीं मिला। जलपुरुष राजेन्द्र सिंह जी अरावली क्षेत्र में 1980 के […]
Read moreसूर्य- विकिरण संकट
क्या जलवायु परिवर्तन से अंतरिक्ष मौसम के खतरे बढ़ रहे हैं? पंकज चतुर्वेदी अभी एथियोपिया से उठे ज्वालामुखी के गुबार से हवाई जहाजों के संचालन […]
Read more2047 तक सुरक्षित पेयजल में 25% वृद्धि
भारत का वैज्ञानिक और वैश्विक विज़न अजय सहाय दुनिया में पानी बहुत है लेकिन पीने योग्य पानी बहुत कम है क्योंकि पृथ्वी के पूरे जल […]
Read moreनवीन वलित पर्वत
दुनिया के सबसे ख़तरनाक भूभाग और नया भूकंप मानचित्र सुनील कुमार महला भूकंप की दृष्टि से हमारा देश बहुत ही संवेदनशील क्षेत्र में आता है।इस […]
Read moreकॉमन्स और स्वशासन: समुदायों की भागीदारी क्यों जरूरी है
सामुदायिक संसाधनों पर चर्चा और जागरुकता बनाए रखने के लिए ग्राम-सभाओं को सशक्त बनाना और उनके एजेंडे को कॉमन्स और समुदाय की जरूरतों पर केंद्रित […]
Read moreभारत में आर्सेनिक संकट: हिमालयी भू–रसायन, गंगा मैदानी तलछट और मानव स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा
WHO, भारत सरकार और वैज्ञानिक रिकॉर्ड के आधार पर 2047 का विज़नरी विश्लेषण अजय सहाय विश्व स्तर पर वैज्ञानिकों और भारत सरकार के जल विशेषज्ञों […]
Read moreदूषित झील कब्रगाह बनी मेहमान पंछियों के लिए
भारत की सबसे विशाल खारे पानी की झील ‘सांभर’ पंकज चतुर्वेदी इस साल तो प्रवासी पक्षियों के आने का सिलसिला शुरू ही हुआ था कि […]
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