एशिया की जीवनरेखा पर संकट हिमालय, तिब्बत और पामीर क्षेत्र की 11,113 नदियों में जल प्रवाह तेजी से बढ़ा है। अध्ययन में पाया गया कि […]
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5000 करोड़ की पर्यटन अर्थव्यवस्था बनाम हिमालय की सुरक्षा
उत्तराखंड के लिए प्रकृति-सम्मत पुनर्वास और सुरक्षित पर्यटन रोडमैप अजय सहाय उत्तराखंड के संवेदनशील हिमालयी भूभाग में हाल ही में धाराली की भयावह घटना ने […]
Read moreजलवायु में बदलाव के दौर में भयावह होता बादलों का फटना
बादल फटने की घटनाओं में वृद्धि बेहद चिंताजनक पंकज चतुर्वेदी स्वतंत्रता दिवस के एक दिन पहले जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ के गांव चिसौती में बादल फटने […]
Read moreक्या हमारा भविष्य ज़हरमुक्त होगा?
पर्यावरणीय प्रदूषण और जलवायु संकट: ज़हर हमारे चारों ओर… पवन नागर वर्तमान समय में जब दुनिया तकनीकी और आर्थिक प्रगति की नई ऊँचाइयाँ छू रही […]
Read moreउत्तराखंड के धारचूला का जल-आपदा खतरा
ग्लेशियल झील, क्लाउडबर्स्ट और नियम-उल्लंघन पर वैज्ञानिक विश्लेषण अजय सहाय धारचूला उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में समुद्र तल से लगभग 940 मीटर की ऊँचाई पर […]
Read moreहिमालयी आपदाओं का बदलता पैटर्न
जलवायु परिवर्तन, पश्चिमी विक्षोभ और मानव हस्तक्षेप का संयुक्त संकट अजय सहाय उत्तरकाशी में आई हालिया आपदा का पैटर्न वर्ष 2013 में केदारनाथ में आई […]
Read moreपहले गाय और अब कुत्ते को घर से दूर कर क्या मिलेगा ?
न तो इंसान सुरक्षित हैं, न ही कुत्ते पंकज चतुर्वेदी बकौल विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) दुनिया में 36 प्रतिशत कुत्ते के काटने से होने वाले […]
Read moreहिमालयी ढलानों पर वृक्षों की पकड़ कमजोर होने के वैज्ञानिक कारण
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश का दो दशक का पर्यावरणीय विश्लेषण अजय सहाय उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में पिछले दो दशकों में पेड़ों के धरती को […]
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