2013 में इसे यूनेस्को के जैवमंडल कार्यक्रम (ह्यूमन एंड बायोस्पियर प्रोग्राम) में शामिल किया गया पंकज चतुर्वेदी क्या दुनिया के सबसे अधिक अनूठे , वैविध्यपूर्ण और संकटग्रस्त […]
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वैज्ञानिक दृष्टि से नीम, पीपल, बरगद और जामुन का महत्व
ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और आर्सेनिक संकट से जूझते भारत का हरित समाधान अजय सहाय नीम, पीपल, बरगद और जामुन जैसे परंपरागत वृक्ष वर्तमान वैश्विक […]
Read moreउत्तराखंड की नाजुक हिमालयी पारिस्थितिकी
उच्च न्यायालय और ट्रिब्यूनल के सख्त फैसले, नदियों-नालों के किनारे विकास पर रोक और आपदा से बचाव का वैज्ञानिक दृष्टिकोण अजय सहाय उत्तराखंड की संवेदनशील […]
Read moreहिमालयी आपदाएँ और पुनर्वास की ज़रूरत
सुरक्षित कॉलोनियों की ओर वैज्ञानिक कदम अजय सहाय हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे हिमालयी राज्यों में जलवायु परिवर्तन के कारण पिछले कुछ वर्षों से […]
Read moreबाढ़ मुक्त भारत का विज़न
विज्ञान, संविधान और अंतरराष्ट्रीय मॉडल की राह अजय सहाय भारत के वर्तमान परिदृश्य में हिमालयी क्षेत्र में लगातार हो रही भारी वर्षा, मानसून की अनियमितता, […]
Read moreहिमाचल की त्रासदी, वैश्विक चेतावनी
जलवायु खतरों को कब समझेंगे? रोहित पराशर हाल ही में हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदाओं में भारी नुकसान देखने को मिला है और पर्यावरण असंतुलन […]
Read moreहिमालयी चारधाम यात्रा और आपदाएँ
शून्य तीर्थयात्री दिवस, चरम वर्षा और जलवायु परिवर्तन की चुनौती हिमालय के चार धाम—बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—के साथ अमरनाथ और वैष्णो देवी जैसे प्रमुख […]
Read moreहिमाचल में भूमि बंदोबस्त
परंपरा से तकनीक तक की यात्रा विजय ठाकुर हिमाचल प्रदेश की पहचान जितनी उसकी वादियों, नदियों और पहाड़ों से है, उतनी ही उसकी ज़मीन से […]
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